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डेंगू पर ऐसे कंट्रोल कैसे मशीनों से ही फॉगिंग वह भी पार्षद की डिमांड पर, बस्तियों में खतरा ज्यादा

सिटी में डेंगू के 43 संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। प्लाॅटों व निचले एरिया में जमा बरसाती पानी में डेंगू मच्छर पनप रहे हैं। इससे कोरोना के बाद शहर के लोगों की जान और जेब पर बोझ डालने वाली डेंगू की बीमारी सिर उठा रही है, लेकिन निगम को इसकी परवाह नहीं है। इस बार शेड्यूल बनाकर अभियान के तौर पर फाॅगिंग नहीं की जा रही है। केवल उन्हीं कौंसलरों के इलाके में फागिंग हो रही है, जो बार-बार अफसरों के सामने प्रैशर बना रहे हैं।

किसी इलाके में मच्छर मारने के बाद दोबारा फाॅगिंग की जरूरत होती है ताकि नए मच्छर-मक्खी खत्म किए जा सके, पर ये काम नहीं हो रहा। दैनिक भास्कर ने प्रमुख इलाकों के कौंसलरों से बात की तो उन्होंने कहा कि इस बार फॉगिंग अभियान न चलने से डेंगू फैला है। पार्षद कंवलजीत कौर गुल्लू, कौंसलर संधा ने इलाके में फॉगिंग की बात कही। माई हीरां गेट में कुछ दिन पहले फाॅगिंग हुई थी। बस्तियों में डेंगू के मरीज मिलने के कारण ये संवेदनशील हैं। बिस्त दोआब नहर के कारण यहां मच्छर पनपते हैं।

सिटी के संवेदनशील एरिया

  • 120 फुटी रोड और आसपास का इलाका।
  • सूर्या एनक्लेव एक्सटेंशन में 6 एकड़ का छप्पड़।
  • हाईवे पर बरसाती नाला।
  • कैंट, जीटीबी नगर, अर्बन एस्टेट पार्कों में जमा पानी।
  • दोमोरिया पुल के आसपास का एरिया।
  • जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के सामने सड़क किनारे जमा पानी।