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भगवान कृष्ण को प्रिय है मोरपंख, जन्माष्टमी पर करें मोरपंख से जुड़े ये उपाय

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा ,
एक मात स्वामी सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा..
जय श्री कृष्ण

आज जन्माष्टमी है। आज ही भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया था। उनके जीवन का हर प्रसंग, हर कथा, हर बात आज भी हमारी जिंदगी के लिए उतनी ही काम की है, जितनी महाभारत या उसके बाद के समय में रही होगी। कोरोना काल से गुजरी दुनिया ने पिछले दो सालों में रिश्तों के महत्व को बहुत गहराई से जाना है। परिवार और मित्र, जीवन के लिए कितने जरूरी हैं, ये हर उस आदमी को अच्छे से समझ आया, जिसने कोरोना की त्रासदी को नजदीक से देखा है।

खीरे के बिना अधूरी है कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा

जन्माष्टमी पर लोग भगवान श्रीकृष्ण को खीरा चढ़ाते हैं। मान्यता है कि खीरे से श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सारे दुख दर्द हर लेते हैं। जन्माष्टमी के दिन ऐसा खीरा लाया जाता है, जिसमें थोड़ा डंठल और पत्तियां लगी होती हैं। जन्माष्ठमी पूजा के खीरे के इस्तेमाल के पीछे की मान्यता है कि जब बच्चा पैदा होता है तब उसको मां से अलग करने के लिए गर्भनाल को काटा जाता है। ठीक उसी प्रकार से जन्माष्टमी के दिन खीरे को डंठल से काटकर अलग किया जाता है। ये भगवान श्री कृष्ण को मां देवकी से अलग करने का प्रतीक माना जाता है। ऐसा करने के बाद ही कान्हा की विधि विधान से पूजा शुरू की जाती है।

जन्माष्टमी पर करें मोरपंख के ये उपाय  
  • जन्माष्टमी के दिन घर के पूजास्थल में पांच मोरपंख रखें और प्रतिदिन इनकी पूजा करें। इक्कीस दिन बाद इन मोरपंख को तिजोरी या लॉकर में रख दें, ऐसा करने से धन-संपत्ति में वृद्धि होगी और अटके काम भी बनने लगेंगे।
  • जन्माष्टमी के दिन चांदी के ताबीज में मोर पंख डालकर बच्चे को पहनाने से नजर दोष से मुक्ति मिलती है।
  • अगर आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें हैं तो आप जन्माष्टमी के दिन पूजा घर में मोर पंख रखें और उसकी नियमित पूजा करें।
  • अगर राहु की वजह से आपको नौकरी या व्यापार से जुड़ी कोई समस्या हो रही है तो आप घर के पूर्व और उत्तर पश्चिम दीवार पर मोर पंख जरूर लगाएं।
आज जन्माष्टमी पर बन रहा है महालक्ष्मी योग
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आज यानी 19 अगस्त को प्रातः 9:48 बजे से चंद्रमा व मंगल दोनों ही वृष राशि में विराजमा रहेंगे। वृषभ राशि में चंद्रमा और मंगल स्थित होने के कारण महालक्ष्मी योग का निर्माण होगा। इसक साथ ही सूर्य व बुध ग्रह भी सिंह राशि में रहेंगे जो क बुधादित्य योग का निर्माण करेगा।

पूजा के दौरान जरूर करें श्री कृष्ण की आरती 

जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण की आरती के बिना उनकी पूजा अधूरी है। पढ़ें सम्पूर्ण आरती यहां

श्रीकृष्ण की आरती

आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला
श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली
लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक
चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की, आरती कुंजबिहारी की…॥कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग,  मधुर मिरदंग ग्वालिन संग।
अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस।
जटा के बीच,हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद।
टेर सुन दीन दुखारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

प्रियजनों को दें ये  शुभकामना संदेश 
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे।
हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे।।कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं!

 

माखन चोर नन्द किशोर, बांधी जिसने प्रीत की डोर, हरे कृष्ण हरे मुरारी, पुजती जिन्हें दुनिया सारी, आओ उनके गुण गाएं सब मिल के जन्माष्टमी मनाये।