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ताजपुर चर्च में धर्म और इलाज के नाम पर हुई धोखाधड़ी जिस कारण बच्चे की हुई मौत पढ़े पूरा मामला

जालंधर ताजपुर चर्च में धर्म और इलाज के नाम पर हुई धोखाधड़ी जिस कारण एक नवजात शिशु की मृत्यु हो गई बच्चे के परिजनों के अनुसार बच्चा ब्रेन ट्यूमर से ग्रस्त था तभी उन्होंने एक ऑनलाइन विज्ञापन देखा जो कि ताजपुर चर्च का था जिसमें चर्च के पास्टर मरे हुए लोगों को जिंदा और बीमार लोगों को ठीक कर रहे थे जिस से प्रभावित होकर बच्चे के परिजन उसे ठीक करवाने के लिए ताजपुर चर्च आ पहुंचे तत्पश्चात उन्हें पता चला की स्पेशल प्रेयर करवाने के लिए उन्हें ₹15000 देने होंगे जब इस प्रार्थना से बच्चा ठीक नहीं हुआ तब चर्च के प्रबंधकों ने दूसरी स्पेशल प्रेयर करवाने के लिए 50000 की डिमांड कर डाली तो बच्चे के परिजनों ने ₹50000 दे दिए लेकिन फिर भी बच्चा ठीक नहीं हुआ और आज बच्चे ने प्रार्थना सभा मैं ही दम तोड़ दिया तभी बच्चे के परिजनों ने प्रार्थना सभा के पादरी से मिलने की कोशिश की पर उन्हें चर्च के प्रबंधकों ने मिलने नहीं दिया उन्हें कहा गया कि पादरी जा चुके हैं और उन्हें प्रधान अवतार सिंह और उनके कुछ साथियों ने चर्च से बाहर निकाल दिया वहीं पर कुछ लोगों ने मीडिया में फोन किया तथा उन्हें मामला बताया मौके पर पहुंची मीडिया कर्मियों ने बच्चे के परिजनों से पूरे मामले के बारे में वार्तालाप की तभी उन्हें पता चला कि ताजपुर चर्च में इलाज के नाम पर गुमराह करके लोगों से पैसे बसूल किए जाते हैं

पुलिस कर्मियों की मिलीभगत आई सामने

इस संबंध में जब मीडिया कर्मियों ने पुलिस के अधिकारियों से बात की तो वह भी मामले को दबा देते नजर आए वीडियो को आया देख पुलिसकर्मियों ने बच्चे और उसके परिजनों को अपनी गाड़ी में बैठाया और ताजपुर से बाहर जाकर उन्हें टैक्सी में बैठा कर उनके घर के लिए रवाना कर दिया

पुलिस ने क्यों नहीं करवाया बच्चे का पोस्टमार्टम

जिगर योग बात है की पुलिसकर्मियों ने बच्चे का पोस्टमार्टम क्यों नहीं करवाया जिससे पता चलता है कि पुलिसकर्मी भी ताजपुर चर्च के प्रबंधकों का साथ दे रहे हैं दोनों ही मिलकर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं जल्द ही बड़े अधिकारियों पर इस मामले में गाज गिर सकती है

सूत्रों के अनुसार थाने में जाती है हर महीने मोटी रकम इसलिए नहीं होती चर्च पर को कोई कार्रवाई

 

अगर सूत्रों की माने तो हर महीने lambra पुलिस थाने में 30 से 35 हजार रुपए जाते हैं और भी बड़े अधिकारियों को कुछ रुपए सहायता के तौर पर दिए जाते हैं

चर्च के प्रधान अवतार सिंह को क्या डर था कि उन्होंने मीडिया कर्मियों को जान से मारने की धमकी दे डाली अपने आप में बड़ा प्रश्न

 

चर्च के प्रधान अवतार सिंह ने मीडिया कर्मियों को एस एच ओ के सामने ही दे डाली धमकी कहा कि या खबर प्रकाशित ना करें अन्यथा थाने के बाहर जाते हैं उनके साथ कोई भी घटना हो सकती है जिसकी लिखित शिकायत थाने में एसएचओ साहब को दे दी गई है

मेहरबान पुलिस इस मामले में क्यों चुप है बड़े दावे करने वाले आप एमएलए क्यों वहां नहीं पहुंचे

 

देखना यह है की ताजपुर चर्च पर मेहरबान पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती हैं

वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

https://fb.watch/fuhmDsTi9Q/