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जालंधर में लगी इन कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक पढ़िए पूरा मामला

जालन्धर( विकास) महानगर के बाहरी क्षेत्र में सेंटर सरकार की जमीन काफी बेकार पड़ी हुई है इस पर बाज की निगाह रखने वाले नेता और कॉलोनाइजरों द्वारा धीरे-धीरे कर कर खुर्दपुर की जा रही है यहां तक कि प्रवासियों को बेची जा रही है यह भी पता चला है किस प्रकार से गंदा खेल खेल रहे हैं इसका खुलासा हम कर रहे हैं हम आपको जानकारी दे दें कि गांव कोटला और इसके आसपास क्षेत्र में 321 एकड़ के लगभग जमीन सेंटर गवर्नमेंट की है जिस पर फर्जी रजिस्ट्रियां करके यह खेल खेला जा रहा है।

सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले ज्यादातर राजनेता ही है कुछ ऐसे भी नेता है जो अपनिया पार्टी को छोड़कर सता चला रही पार्टियों में शामिल हो जाते हैं उनके द्वारा यहा जमीन पर कब्जे किए जा रहे हैं बताया जाता है गांव कोटला पर जमीन पर कब्जा कर के सरकारी अफसरों को अपने साथ जोड़ लेते हैं और उसके बाद खरीदो फरोत में नकली एफिडेविट तैयार करके इनको प्रवासियों को जमीन बेच दी जाती है यहां पर 80 हजार से लेकर 1लाख 30 हजार रुपया मारला रेट रखकर इसे वसूली जा रही है और ऐसी कई जगह है जहां पर यह कब्जे हुए पड़े हैं लेकिन हम आज बात करेंगे गांव नंगल जमाल पुर की को कोटला के रकबे में ही आता है जहां पर आमने-सामने दो कॉलोनी पर प्लाटिंग शुरू हो चुकी है और यह भी बताया जा रहा है कि इस पर कब्जा करने वाला राजनेता जो है उसके द्वारा काफी लैंड यहां पर काटे गए हैं।

सूत्र बताते है की इस कॉलोनी में विदेश बैठे आंतकियो के पैसे भी लगाए जा रहे है जो वहा से सरकार के साथ जुड़े लोगों से लिंक बना कर सरकारी जमीनों पर कब्जा कर के अवैध तरीके से कोलोनिया काट रहे है। जिस पर सरकार भी मौन धारण कर के बैठी हुई है।