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Wednesday, 04 November 2026

चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की बड़ी राहत: 14 हजार परिवारों का माफ हो सकता है 20 करोड़ रुपये का ब्याज

चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की बड़ी राहत: 14 हजार परिवारों का माफ हो सकता है 20 करोड़ रुपये का ब्याज

चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की बड़ी राहत: 14 हजार परिवारों का माफ हो सकता है 20 करोड़ रुपये का ब्याज

स्मॉल फ्लैट्स और ARHC स्कीम के लाभार्थियों को मिलेगा फायदा, बकाया मूल राशि जमा करवाने पर ब्याज माफी की सिफारिश; 2016 की GPA ट्रांसफर पॉलिसी भी 6 महीने के लिए होगी बहाल

चंडीगढ़: दिवाली से पहले चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के फ्लैटों में रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने स्मॉल फ्लैट्स स्कीम-2006 और अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (ARHC) स्कीम के लाइसेंस धारकों के लिए एकमुश्त ब्याज माफी योजना लागू करने की सिफारिश की है। इस योजना के तहत लगभग 20 करोड़ रुपये का ब्याज माफ किया जा सकता है, जिससे करीब 14 हजार अलॉटियों और परिवारों को लाभ मिलने की संभावना है।

इसके अलावा, बोर्ड ने वर्ष 2016 की जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) ट्रांसफर पॉलिसी को कुछ संशोधनों के साथ दोबारा लागू करने तथा ARHC योजना के विशेष वर्गों के लाभार्थियों की मासिक लाइसेंस फीस कम करने का भी फैसला लिया है।

ये फैसले चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के निदेशक मंडल की 435वीं बैठक में लिए गए। बैठक की अध्यक्षता यूटी के मुख्य सचिव एवं हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन एच. राजेश प्रसाद ने की। हालांकि, इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए यूटी प्रशासक की अंतिम मंजूरी जरूरी होगी।

बकाया मूल राशि जमा करवाने पर मिलेगा ब्याज माफी का लाभ

हाउसिंग बोर्ड ने स्मॉल फ्लैट्स स्कीम-2006 और ARHC स्कीम के उन लाइसेंस धारकों को राहत देने की सिफारिश की है, जिनकी लाइसेंस फीस बकाया है। समय पर भुगतान नहीं होने के कारण इन पर ब्याज का बोझ लगातार बढ़ता गया है।

प्रस्तावित योजना के तहत उन लाइसेंस धारकों को भी लाभ मिल सकेगा, जिनका भुगतान नहीं करने के कारण लाइसेंस रद्द किया जा चुका है।

योजना के अनुसार, 31 अक्टूबर तक की पूरी बकाया मूल राशि जमा करवाने पर ब्याज माफी का लाभ मिलेगा। अलॉटी यह राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा करवा सकेंगे। हालांकि, पूरी बकाया राशि 31 अक्टूबर 2027 तक या लाइसेंस की अवधि समाप्त होने से पहले जमा करवानी होगी। दोनों में से जो समय सीमा पहले आएगी, उसी के अनुसार भुगतान करना होगा।

हाउसिंग बोर्ड का अनुमान है कि इस योजना से लगभग 14 हजार अलॉटियों को फायदा मिलेगा और करीब 20 करोड़ रुपये का ब्याज माफ किया जा सकता है।

6 महीने के लिए दोबारा लागू होगी GPA ट्रांसफर पॉलिसी

बैठक में वर्ष 2016 की जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) ट्रांसफर पॉलिसी को कुछ संशोधनों के साथ दोबारा लागू करने की सिफारिश भी की गई है। इसका उद्देश्य उन अलॉटियों को एक और अवसर देना है, जो पहले किसी कारणवश इस पॉलिसी का लाभ नहीं उठा सके थे।

इस पॉलिसी का लाभ केवल उन्हीं मामलों में मिलेगा, जिनसे संबंधित GPA दस्तावेज 11 अक्टूबर 2011 से पहले तैयार किए गए थे। यह तारीख सुप्रीम कोर्ट के सूरज लैंप मामले में दिए गए आदेशों के आधार पर निर्धारित की गई है।

हाउसिंग बोर्ड ने इस पॉलिसी को एक विशेष अवसर के रूप में छह महीने के लिए लागू करने का प्रस्ताव रखा है।

ARHC लाभार्थियों की लाइसेंस फीस घटाने का भी प्रस्ताव

बोर्ड की बैठक में ARHC योजना के विशेष वर्गों के लाभार्थियों की मासिक लाइसेंस फीस कम करने का फैसला भी लिया गया है। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों को आर्थिक राहत देना और आवास योजना का लाभ अधिक सुविधाजनक बनाना है।

फिलहाल इन सभी प्रस्तावों पर यूटी प्रशासक की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।