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Thursday, 29 October 2026

डंकी रूट मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली का टिकटिंग एजेंट तरुण खोसला गिरफ्तार

डंकी रूट मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली का टिकटिंग एजेंट तरुण खोसला गिरफ्तार

डंकी रूट मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली का टिकटिंग एजेंट तरुण खोसला गिरफ्तार

अमेरिका से निर्वासित भारतीयों से जुड़े मामले में कार्रवाई; 4.62 करोड़ रुपये नकद, सोना और चांदी जब्त करने का दावा

जालंधर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर जोनल कार्यालय ने कथित डंकी रूट नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दिल्ली के टिकटिंग एजेंट तरुण खोसला को गिरफ्तार किया है। ED के अनुसार, आरोपी को 23 अक्टूबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया। अदालत ने उसे 30 अक्टूबर तक ED की हिरासत में भेज दिया है।

यह मामला फरवरी 2025 में अमेरिका से निर्वासित किए गए 300 से अधिक भारतीय नागरिकों से संबंधित है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन लोगों ने कथित तौर पर मेक्सिको की सीमा के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश किया था। पंजाब और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर ED ने धन शोधन के पहलू से जांच शुरू की।

विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये वसूलने का आरोप

ED की जांच के अनुसार, विदेश जाने के इच्छुक लोगों को कानूनी तरीके से अमेरिका पहुंचाने का भरोसा दिया जाता था। आरोप है कि एजेंटों और बिचौलियों ने उन्हें दक्षिण और मध्य अमेरिका के कई देशों से होते हुए जोखिम भरे रास्तों के जरिए अमेरिकी सीमा तक पहुंचाने की व्यवस्था की। इस प्रक्रिया के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 25 लाख से 60 लाख रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आई है।

पहले की तलाशी में करोड़ों की नकदी और कीमती धातुएं जब्त

ED ने 9 और 11 जुलाई 2025 को 19 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। एजेंसी के मुताबिक, इस दौरान दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और निकारागुआ तथा इथियोपिया से संबंधित कथित फर्जी इमिग्रेशन एवं वीजा स्टैंप बरामद किए गए।

इसके बाद 15 दिसंबर 2025 को ED ने लगभग 5.41 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं। इनमें कृषि भूमि, आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां और बैंक खातों में मौजूद राशि शामिल बताई गई।

18 और 19 दिसंबर 2025 को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में की गई तलाशी के दौरान तरुण खोसला के परिसरों से कथित तौर पर 4.62 करोड़ रुपये नकद, लगभग 5.9 किलोग्राम सोने की छड़ें एवं सिक्के और करीब 313 किलोग्राम चांदी की छड़ें बरामद की गईं। इनकी कुल कीमत लगभग 19.14 करोड़ रुपये बताई गई। अन्य परिसरों से 50 से अधिक मूल पासपोर्ट, डायरियां, लेन-देन के रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद होने की जानकारी दी गई।

तीन अलग-अलग रास्तों से अमेरिका पहुंचाने का आरोप

ED की जांच में कथित तौर पर तीन प्रमुख मार्गों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।

  • रूट A: हवाई मार्ग से अल सल्वाडोर पहुंचने के बाद सड़क के रास्ते मेक्सिको और फिर तिजुआना के जरिए अमेरिका में प्रवेश कराने का आरोप है। इस मार्ग के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 35 से 40 लाख रुपये वसूले जाने की बात कही गई है।

  • रूट B: दुबई या अदीस अबाबा के रास्ते गुयाना पहुंचने के बाद ब्राजील, इक्वाडोर, कोलंबिया, पनामा, ग्वाटेमाला और मेक्सिको के रास्ते अमेरिका पहुंचाने का आरोप है। इसके लिए प्रति व्यक्ति लगभग 25 से 30 लाख रुपये लिए जाने की बात जांच में सामने आई।

  • रूट C: जांच के अनुसार, एक निर्वासित व्यक्ति ने गुयाना, ब्राजील, बोलीविया, पेरू, कोलंबिया, पनामा, कोस्टा रिका, निकारागुआ, होंडुरास, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला और मेक्सिको से होकर अमेरिका की सीमा तक पहुंचने का रास्ता बताया।

मोबाइल चैट और विदेशी संपर्कों की जांच

ED के मुताबिक, जब्त मोबाइल फोन से प्राप्त डेटा में ऐसी चैट मिली हैं, जिनसे कथित तौर पर इमिग्रेशन क्लीयरेंस, टिकट बुकिंग, यात्रियों के समन्वय और भुगतान की व्यवस्था में आरोपी की भूमिका के संकेत मिलते हैं।

जांच एजेंसी ने मैक्सिको में माइक, ब्राजील में अली और मैक्सिको में क्रिस्टी नाम से बताए गए संपर्कों के साथ बातचीत मिलने का भी उल्लेख किया है। एजेंसी इन संपर्कों की कथित भूमिका और सीमा पार यात्राओं से संबंधित भुगतानों की जांच कर रही है।

बैंक खाते में 30.38 करोड़ रुपये जमा होने का दावा

ED की जांच के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच तरुण खोसला के बैंक खाते में 414 नकद जमा लेन-देन के जरिए कुल 30.38 करोड़ रुपये जमा हुए। एजेंसी इन लेन-देन के स्रोत और कथित डंकी रूट नेटवर्क से उनके संबंधों की जांच कर रही है।

मामले में आगे की कार्रवाई जारी

ED की कार्रवाई का उद्देश्य कथित अवैध प्रवासन नेटवर्क से जुड़े धन के स्रोत, लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका का पता लगाना है। फिलहाल आरोपी को अदालत द्वारा निर्धारित अवधि तक ED की हिरासत में भेजे जाने की जानकारी दी गई है। मामले में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और आरोपी की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।

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