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दिल्ली: सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस से दम घुटने का आरोप, एक की मौत और तीन बीमार

दिल्ली: सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस से दम घुटने का आरोप, एक की मौत और तीन बीमार
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दिल्ली: सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस से दम घुटने का आरोप, एक की मौत और तीन बीमार

दूसरों को बचाने की कोशिश में गई ठेकेदार की जान; छावला थाने में लापरवाही से मौत का मामला दर्ज

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के छावला इलाके में एक निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक का शटर हटाने के दौरान कथित तौर पर जहरीली गैस की चपेट में आने से 38 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग बीमार पड़ गए। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। घटना 21 अक्टूबर को कुतुब विहार इलाके में हुई थी।

मृतक की पहचान स्थानीय निवासी मदन पंडित के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना में बीमार हुए विनोद (22), चंद्रशेखर (35) और सुरेंद्र सिंह (42) को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

तीन लोगों को बचाया, खुद नहीं निकल पाए बाहर

मदन पंडित की पत्नी पूजा ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि उनके पति निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक के अंदर लगे शटर हटाने के लिए गए थे। उन्होंने बताया कि मदन पिछले करीब 14 वर्षों से भवन निर्माण ठेकेदार के रूप में काम कर रहे थे।

पूजा के अनुसार, उनके पति ने टैंक के अंदर फंसे तीन लोगों को बचाने की कोशिश की और उन्हें बाहर निकालने में मदद की, लेकिन खुद बाहर नहीं निकल सके। उन्होंने इस घटना के लिए प्रशासन की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पुलिस के अनुसार, अस्पताल से घटना की सूचना मिलने के बाद एक टीम वहां पहुंची और मदन पंडित की मेडिकल-लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) प्राप्त की। दैनिक डायरी प्रविष्टियों, मेडिकल-लीगल रिपोर्टों और घटनास्थल के निरीक्षण के आधार पर छावला थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 290 तथा धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

धारा 290 निर्माण, मरम्मत या भवन गिराने से संबंधित लापरवाही के मामलों से जुड़ी है, जबकि धारा 106(1) लापरवाही से मृत्यु कारित करने के अपराध से संबंधित है।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंपा

पुलिस ने राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद मदन पंडित का शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच जारी है और घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

यह घटना निर्माण स्थलों पर सेप्टिक टैंक और अन्य बंद स्थानों में काम करते समय सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करती है। ऐसे स्थानों में जहरीली गैसों या ऑक्सीजन की कमी के कारण जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है।