1984 सिख नरसंहार पर आप का कांग्रेस-भाजपा पर हमला, बलतेज पन्नू बोले- पीड़ितों के साथ न्याय में दोनों दल विफल
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर 1984 सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के प्रति कथित तौर पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दोनों दलों का व्यवहार सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है।
शुक्रवार को जारी बयान में पन्नू ने कहा कि 1984 सिख नरसंहार मामले में दोषी ठहराए गए सज्जन कुमार के निधन के बाद आयोजित अंतिम भोग कार्यक्रम में भाजपा नेताओं की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इसे सिख समुदाय के पुराने जख्मों को फिर से कुरेदने वाला कदम बताया।
पन्नू ने कहा कि इससे पहले कांग्रेस नेता दीपिंदर हुड्डा द्वारा सज्जन कुमार को कथित रूप से अपना “आदर्श” बताए जाने पर भाजपा ने कांग्रेस की आलोचना की थी। लेकिन अब भाजपा नेताओं की सज्जन कुमार के अंतिम भोग में उपस्थिति से उसका भी दोहरा रवैया उजागर हो गया है।
आप नेता ने दावा किया कि पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत, दक्षिण दिल्ली के सांसद रामबीर सिंह बिधूड़ी और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के सांसद योगेंद्र चंदोलिया सज्जन कुमार के अंतिम भोग में शामिल हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि 1984 के दंगा पीड़ित परिवारों के दुख-दर्द को साझा करने के लिए इन नेताओं ने कभी पहल नहीं की, लेकिन दोषी ठहराए गए व्यक्ति के निधन पर संवेदना व्यक्त की जा रही है।
पन्नू ने कहा कि 1984 के पीड़ित परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उनके घाव अभी तक नहीं भरे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल सिख समुदाय को न्याय दिलाने के मुद्दे पर अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा सके हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को पीड़ित परिवारों के दर्द को समझते हुए न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए। पन्नू ने दावा किया कि 1984 के पीड़ितों की न्याय की लड़ाई अभी भी जारी है और इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत है।