फेडरेशन ऑफ आढ़ती एसोसिएशन पंजाब के प्रधान विजय कालड़ा ने आढ़तियों की मांगों को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार की बेरुखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे पंजाब में 1 अप्रैल से मंडियों को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बार-बार मांग करने के बावजूद भी सरकारें उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रही हैं, जिसके चलते आढ़तियों को मजबूर होकर संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पंजाब मंडी बोर्ड एक्ट 1961 के तहत वर्ष 1997 से आढ़तियों को मंडियों में बिकने वाली हर फसल पर 2.5 प्रतिशत कमीशन मिलता आ रहा था, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इसमें कटौती किए जाने से आढ़तियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
विजय कालड़ा ने कहा कि आढ़तियों की तीन प्रमुख मांगें हैं—पहली, पहले की तरह 2.5 प्रतिशत कमीशन बहाल किया जाए; दूसरी, आढ़तियों को बार-बार नोटिस भेजकर परेशान करना बंद किया जाए; और तीसरी, सरकार द्वारा काटे गए 55 करोड़ रुपए के ईपीएफ की राशि तुरंत जारी की जाए, क्योंकि आढ़तियों का ईपीएफ से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी, जिससे मंडियों में फसलों की खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।