अमृतसर, 17 अप्रैल: भगवंत सिंह मान ने अटारी विधानसभा क्षेत्र में व्यापक विकास पहल की शुरुआत करते हुए 137 किलोमीटर लंबी 121 सड़कों के नवीनीकरण के लिए 57.80 करोड़ रुपये की परियोजना का शुभारंभ किया। इस कदम को सीमावर्ती क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान सीमा से सटे होने के बावजूद अटारी क्षेत्र लंबे समय तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब यहां बेहतर सड़क नेटवर्क और नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि पठानकोट से फाजिल्का तक करीब 532 किलोमीटर सीमा क्षेत्र में बाड़ को पुनर्स्थापित करने के लिए सर्वेक्षण जारी है, जिससे लाखों एकड़ जमीन खेती के लिए उपलब्ध हो सकेगी।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने “युद्ध नशियां विरुद्ध” अभियान के तहत सप्लाई लाइन तोड़ने और तस्करों पर कार्रवाई करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि इस मुहिम को जन आंदोलन का रूप दिया जा चुका है।
राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश के हितों की अनदेखी की। उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इन दलों के कार्यकाल में राज्य में नशे का कारोबार बढ़ा और विकास बाधित हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों के टैक्स के पैसे का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और सड़क जैसे बुनियादी क्षेत्रों में कर रही है। उन्होंने दावा किया कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, युवाओं को रोजगार और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा कांटेदार तार को अंतरराष्ट्रीय सीमा के 300 मीटर भीतर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसानों को अपनी जमीन पर निर्बाध खेती करने में मदद मिलेगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता विकास के मुद्दे पर सरकार को फिर मौका देगी।