भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को मिलेगा इजराइल का सर्वोच्च नागरिक बहादुरी सम्मान, 180 से अधिक यात्रियों की जान बचाने का मामला
फ्लाईदुबई विमान में कथित हाईजैक की कोशिश के दौरान को-पायलट से भिड़े थे कैप्टन मच्छार, घायल होने के बावजूद दिखाई बहादुरी
नई दिल्ली/तेल अवीव: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इजराइल सरकार की ओर से नागरिक बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई विमान में कथित तौर पर हाईजैक और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश के दौरान उन्होंने 180 से अधिक यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने घोषणा की है कि कैप्टन मच्छार के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उन्हें ‘सिविलियन हीरोइज़्म’ यानी नागरिक बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
कॉकपिट में हमले के बावजूद नहीं मानी हार
रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में आपातकालीन कुल्हाड़ी से कैप्टन मच्छार पर हमला किया था। घायल होने के बावजूद कैप्टन ने उसका मुकाबला किया और स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बताया जाता है कि इसके बाद विमान में मौजूद इजराइली यात्रियों ने कॉकपिट में प्रवेश कर आरोपी को काबू करने में मदद की। घटना के दौरान विमान में 180 से अधिक लोग सवार थे, जिनमें अधिकांश इजराइली नागरिक बताए गए हैं।
राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने की बहादुरी की सराहना
इजराइली राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने कैप्टन मच्छार के साहस और पेशेवर क्षमता की प्रशंसा करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा कि कैप्टन के ठीक होने के बाद उन्हें इजराइल की ओर से नागरिक बहादुरी का राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान करना उनके लिए सम्मान की बात होगी।
कैप्टन मच्छार को घटना के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, गंभीर चोटों के कारण उनका उपचार जारी था।
तेल अवीव में बड़े हमले की कथित योजना
इजराइली मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि आरोपी को-पायलट विमान को तेल अवीव हवाई अड्डे पर किसी इमारत या दूसरे विमान से टकराने की योजना बना रहा था। रिपोर्टों में इस कथित योजना की तुलना 9/11 जैसे हमले से भी की गई है।
यह भी बताया गया कि कथित योजना विफल होने के बाद विमान को रेगिस्तानी इलाके में क्रैश-लैंड कराने की कोशिश की गई। हालांकि, विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने नियंत्रण संभाल लिया और विमान को सऊदी अरब ले गए।
आरोपी को-पायलट के संयुक्त अरब अमीरात की हिरासत में होने और उससे पूछताछ किए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है।
पहले भी सम्मानित किए गए इजराइली नागरिक
इस घटना में यात्रियों की सुरक्षा के लिए भूमिका निभाने वाले पांच इजराइली नागरिकों को इससे पहले राष्ट्रपति की ओर से वीरता सम्मान दिए जाने की खबर सामने आई थी। राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने उनकी बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए खुद को खतरे में डाला।
कैप्टन स्मित मच्छार को प्रस्तावित सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत बहादुरी, बल्कि विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए उनके प्रयासों की भी पहचान होगा। हालांकि, घटना के सभी विवरणों और कथित साजिश से जुड़े दावों की पुष्टि के लिए संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी को महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए।