AAP नेताओं का संदेश—संस्कृति, भाईचारा और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान
🗞️ पठानकोट, 12 अप्रैल 2026:
पठानकोट के रामलीला ग्राउंड में पंजाब सरकार की ओर से हिंदू नववर्ष संवत के अवसर पर एक भव्य राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता सनातन हिंदू संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय शर्मा ने की, जबकि इसमें कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने शिरकत की।
समारोह में मनीष सिसोदिया, अमन अरोड़ा, लाल चंद कटारूचक्क और दीपक बाली विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध पंजाबी गायक रोशन प्रिंस द्वारा भजन प्रस्तुत कर की गई, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
कार्यक्रम के दौरान संत-महापुरुषों और सनातन प्रतिनिधियों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में धार्मिक, सामाजिक और बुद्धिजीवी वर्ग की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
🔥 ‘हिंदू नववर्ष विश्व का वास्तविक नववर्ष’ — सिसोदिया
अपने संबोधन में मनीष सिसोदिया ने कहा कि हिंदू नववर्ष केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व का वास्तविक नववर्ष है। उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि “जो लोग विपक्षी नेताओं को CBI और ED के मामलों में उलझाकर जेल में डालते हैं, वे सच्चे सनातनी नहीं हो सकते।”
उन्होंने यह भी कहा कि सनातन परंपरा एक जीवनशैली है, जो सहिष्णुता, सम्मान और सर्वजन हित की शिक्षा देती है।
🌿 ‘नववर्ष आत्मचिंतन का अवसर’ — अमन अरोड़ा
अमन अरोड़ा ने संत समाज की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि नववर्ष हमें आत्मचिंतन का अवसर देता है। उन्होंने लोगों से नैतिक मूल्यों—सच्चाई, ईमानदारी और अनुशासन—को अपनाने का आह्वान किया।
🤝 ‘पंजाब भाईचारे की मिसाल’ — कटारूचक्क
लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि पंजाब हमेशा से भाईचारे और धार्मिक सहिष्णुता की भूमि रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि विभाजनकारी सोच समाज के लिए हानिकारक है और सभी को मिलकर एकता का संदेश देना चाहिए।
📢 ‘पहली बार सरकारी मान्यता’ — दीपक बाली
दीपक बाली ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आजादी के 75 वर्षों में पहली बार किसी सरकार ने हिंदू नववर्ष को राज्य स्तर पर मनाया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की सर्वधर्म समभाव और समावेशी नीति का प्रमाण है।
🎉 आध्यात्मिक माहौल में संपन्न हुआ आयोजन
समारोह में विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और संत-महापुरुषों ने नववर्ष का आशीर्वाद दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण बना रहा।
अंत में सभी अतिथियों का धन्यवाद किया गया और उपस्थित लोगों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी गईं।