• Thursday, 9 July 2026
Logo Logo
Advertisement
बादल परिवार ने हमेशा पंजाब के सच को दबाने की कोशिश की: कुलदीप सिंह धालीवाल

09 Jul 2026 | 72 Views

बादल परिवार ने हमेशा पंजाब के सच को दबाने की कोशिश की: कुलदीप सिंह धालीवाल

 बादल परिवार ने हमेशा पंजाब के सच को दबाने की कोशिश की: कुलदीप सिंह धालीवाल

‘सतलुज’ फिल्म पर प्रतिबंध की मांग को लेकर सुखबीर बादल पर साधा निशाना, कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर लगाए गंभीर आरोप

चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी पंजाब के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और बादल परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने हमेशा पंजाब और सिख समुदाय के हितों के खिलाफ काम किया है तथा राज्य के इतिहास के संवेदनशील अध्यायों से जुड़े सच को दबाने का प्रयास किया है।

धालीवाल ने मानवाधिकार कार्यकर्ता दिवंगत जसवंत सिंह खालड़ा की पत्नी परमजीत कौर खालड़ा के एक बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि सुखबीर सिंह बादल ने पंजाबी फिल्म ‘सतलुज’ पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि यदि यह आरोप सही है तो यह बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण मामला है।

उन्होंने कहा कि यह फिल्म पंजाब के उस दौर पर आधारित बताई जा रही है, जिसमें कथित फर्जी मुठभेड़ों, लोगों के लापता होने और मानवाधिकार उल्लंघनों जैसे मुद्दों को उठाया गया है। धालीवाल ने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा ने ऐसे मामलों को उजागर करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उनके संघर्ष को भुलाया नहीं जा सकता।

आप नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान हुए कथित अत्याचारों की सच्चाई को सामने आने से रोकने की कोशिश की गई, जबकि मौजूदा परिस्थितियों में भी विभिन्न स्तरों पर ऐसे प्रयास जारी हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और घटनाओं को दबाने में विभिन्न राजनीतिक दलों ने समय-समय पर भूमिका निभाई है।

धालीवाल ने कहा कि फिल्म की रिलीज को लेकर भी कई तरह की बाधाएं पैदा की गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म के निर्माताओं पर शीर्षक बदलने का दबाव बनाया गया और बाद में इसकी रिलीज को रोकने के प्रयास किए गए। हालांकि उन्होंने कहा कि इतिहास और सच्चाई को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता।

उन्होंने अकाली दल की पूर्व सरकारों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि फर्जी मुठभेड़ों से जुड़े मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने के बजाय उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया। इसके अलावा उन्होंने बेअदबी की घटनाओं और पुलिस फायरिंग के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई।

धालीवाल ने कहा कि पंजाब और सिख समुदाय से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय सच्चाई और न्याय के पक्ष में खड़ा होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के इतिहास और लोगों के दर्द को किसी भी राजनीतिक कारण से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उन्होंने देश-विदेश में बसे पंजाबियों और सिख समुदाय से अपील की कि वे इतिहास से जुड़े तथ्यों और न्याय की मांग के साथ मजबूती से खड़े रहें। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार या राजनीतिक दल के लिए ऐतिहासिक सच्चाइयों को हमेशा के लिए दबा पाना संभव नहीं है।

Published on: 09 Jul 2026

Global Admin
📣 Share this post

Latest News