फगवाड़ा रेलवे यार्ड में कार्य के चलते शान-ए-पंजाब प्रभावित, कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव
जालंधर/फगवाड़ा। फगवाड़ा स्टेशन यार्ड में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए 12 मीटर चौड़े फुटओवर ब्रिज के निर्माण कार्य के चलते 5 से 7 अक्तूबर तक रेल यातायात प्रभावित रहेगा। रेलवे द्वारा लिए जा रहे विशेष ब्लॉकों के कारण कई ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नई दिल्ली से अमृतसर जाने वाली 12497 शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस इन तीन दिनों के दौरान अमृतसर तक नहीं जाएगी और लुधियाना में ही यात्रा समाप्त करेगी। वहीं वापसी में 12498 अमृतसर-नई दिल्ली शान-ए-पंजाब अमृतसर के बजाय लुधियाना से संचालित होगी। इससे अमृतसर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करनी पड़ सकती है।
इसके अतिरिक्त, 22429 दिल्ली जंक्शन-पठानकोट एक्सप्रेस को 5 से 7 अक्तूबर तक फिरोजपुर मंडल में लगभग 40 मिनट रोका जाएगा। वहीं 11057 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-अमृतसर एक्सप्रेस, 14623 वाराणसी-छेहरटा एक्सप्रेस तथा 12549 दुर्ग-शहीद कैप्टन तुषार महाजन एक्सप्रेस भी निर्धारित अवधि में करीब 40 मिनट तक प्रभावित रहेंगी।
रेलवे ने बताया कि 22479 नई दिल्ली-लोहियां खास जंक्शन एक्सप्रेस को 6 और 7 अक्तूबर को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा। यह ट्रेन लुधियाना, फिल्लौर और नकोदर के रास्ते लोहियां खास पहुंचेगी। इस दौरान जालंधर सिटी, कपूरथला और सुल्तानपुर लोधी स्टेशनों पर इसका ठहराव नहीं होगा।
उधर, शुक्रवार को भी शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से लगभग 45 मिनट की देरी से जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन पहुंची।
रेलवे स्टेशनों पर पेयजल व्यवस्था की विशेष जांच
यात्रियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे ने जालंधर सिटी, जालंधर कैंट और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर पानी की गुणवत्ता की विशेष जांच शुरू की है। इसके तहत जल भंडारण टैंकों और फिल्ट्रेशन टैंकों की नियमित सफाई के साथ उनके ढक्कनों और वेंटिलेशन सिस्टम की भी जांच की जा रही है।
रेलवे की तकनीकी टीमें जलापूर्ति पाइपलाइनों, नलों और वाल्वों में किसी प्रकार की खराबी या रिसाव मिलने पर तुरंत मरम्मत कर रही हैं। इसके अलावा वाटर कूलर, आर.ओ. सिस्टम और अन्य जल शोधन उपकरणों की भी नियमित सर्विसिंग की जा रही है।
चिकित्सा एवं इंजीनियरिंग विभाग की संयुक्त टीमें समय-समय पर पानी के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कर रही हैं, जबकि क्लोरीनीकरण का स्तर भी निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।