चंडीगढ़, 27 अप्रैल
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब की सीनियर लीडरशिप ने Arvind Kejriwal के उस फैसले का पुरजोर समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की अदालत में पेश न होने का निर्णय लिया। पार्टी ने इसे सच्चाई, आत्म-सम्मान और गांधीवादी सत्याग्रह की भावना से प्रेरित बताया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने सोशल मीडिया पर कहा कि केजरीवाल ने यह साबित किया है कि न्याय और आत्म-सम्मान के लिए व्यक्ति को हर कुर्बानी के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो जनता का भरोसा कमजोर पड़ता है, और पूरी पार्टी “चट्टान की तरह” केजरीवाल के साथ खड़ी है।
वहीं, आप पंजाब के प्रधान Aman Arora ने आरोप लगाया कि जब न्याय प्रक्रिया पर राजनीतिक प्रभाव का साया पड़ता है, तो सच्चाई और निष्पक्षता दोनों प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा से जुड़े मामलों में निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने इस कदम को “ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि आज़ादी के बाद पहली बार किसी नेता ने सिस्टम से जुड़ी चिंताओं को उजागर करने के लिए ऐसा रास्ता अपनाया है। उनका कहना था कि यह फैसला न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखने की दिशा में एक सैद्धांतिक पहल है।
शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी जरूरी है। उन्होंने केजरीवाल के कदम को अंतरात्मा की आवाज बताते हुए उसका समर्थन किया।
इसके अलावा बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा और अन्य कैबिनेट मंत्रियों—डॉ. बलबीर सिंह, लाल चंद कटारूचक, हरदीप सिंह मुंडियां और हरभजन सिंह ईटीओ—ने भी एकजुटता जताते हुए कहा कि पार्टी सच्चाई और न्याय की लड़ाई में मजबूती से खड़ी है।
आप नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह कदम न्यायपालिका के खिलाफ नहीं, बल्कि उसकी निष्पक्षता और उच्च मानकों को बनाए रखने की अपील है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानून के शासन के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।