मुख्यमंत्री भगवंत मान का दावा: वायरल वीडियो फर्जी, मास्क पहनाकर रची गई साजिश
मोहाली, 25 जून: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक विवादित वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए दावा किया है कि उनकी छवि खराब करने के लिए सुनियोजित साजिश रची गई। मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने कथित सबूत पेश करते हुए कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को उनका मास्क पहनाकर वीडियो बनाई गई थी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कनाडा में रहने वाले जगमन समरा नामक व्यक्ति ने उनके चेहरे जैसा मास्क तैयार करवाकर उसका इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि मास्क की डिलीवरी और उसके उपयोग से संबंधित वीडियो तथा तस्वीरें उनके पास मौजूद हैं, जिनमें कथित तौर पर संबंधित व्यक्ति मास्क हाथ में पकड़े दिखाई देता है।
भगवंत मान ने कहा कि वायरल वीडियो कनाडा के एक होटल में शूट की गई थी, जबकि वह वर्ष 2016 के बाद कभी कनाडा नहीं गए। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में उनकी गर्दन पर मौजूद सर्जरी का स्थायी निशान भी दिखाई नहीं देता, जिससे यह साबित होता है कि वीडियो में मौजूद व्यक्ति कोई और है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के दौरान फर्जी वीडियो तैयार करने वालों की पहचान कर ली गई है और जांच पूरी होने के बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से बेनकाब किया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पूरे मामले के सबूत Sri Akal Takht Sahib के समक्ष रखे जाएंगे और निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधी उन्हें राजनीतिक रूप से चुनौती न दे पाने के कारण धार्मिक आधार पर बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब के सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक हितों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनका जवाब विपक्ष के पास नहीं है।
भगवंत मान ने यह भी कहा कि मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है और नए सबूत पुलिस को सौंपे जाएंगे। उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति को भारत लाने के लिए इंटरपोल के माध्यम से कार्रवाई शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की जनता सच्चाई को समझती है और समय आने पर इस पूरे कथित षड्यंत्र के पीछे शामिल लोगों के नाम और भूमिका भी सार्वजनिक की जाएगी।
नोट: यह समाचार मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा प्रेस वार्ता में किए गए दावों और आरोपों पर आधारित है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि या जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।