निशु आजाद के पिता से मारपीट के मामले में दिल्ली में प्रदर्शन, पप्पू यादव ने सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारी पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर जुटे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता और बड़ी संख्या में समर्थक इस प्रदर्शन में शामिल हुए। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भी प्रदर्शन में पहुंचे और सरकार पर जमकर निशाना साधा।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि सरकार दलितों, कमजोर वर्गों, गरीबों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदनशील नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई व्यक्ति या सरकार संविधान और लोकतंत्र से ऊपर हो सकती है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ कथित अत्याचार की घटनाओं का उल्लेख करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट जोड़ने का दावा
इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने मामले में पुलिस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि दर्ज एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि मामले में हत्या के प्रयास से संबंधित धारा जोड़ने को लेकर मेडिकल ओपिनियन लिया जा रहा है।
लाकड़ा के अनुसार, मेडिकल राय के लिए डॉक्टरों की उपलब्धता में अवकाश के कारण कुछ देरी हुई, लेकिन इसे जल्द अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।
निशु को सोशल मीडिया पर धमकी का आरोप
अक्षय लाकड़ा ने बताया कि निशु आजाद ने सोशल मीडिया के माध्यम से कथित तौर पर रेप की धमकी मिलने के संबंध में अलग शिकायत भी दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने शिकायत का संज्ञान लिया है और इस मामले में भी तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि विवाद से जुड़े पॉडकास्ट वीडियो के हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद तथा ट्रांसक्रिप्ट कानूनी प्रक्रिया के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटना हुई। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के बाद अब तक पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई है।
दास ने कहा कि पुलिस को जंतर-मंतर और आसपास की घटनाओं में शामिल कथित आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी घटना के बाद से छात्रों के साथ खड़े हैं और आगे भी उनका समर्थन जारी रखेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी, हत्या के प्रयास से संबंधित कड़ी धारा जोड़ने, अतिरिक्त एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराने तथा सोशल मीडिया पर कथित धमकियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।