रूपनगर, 29 जुलाई: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रूपनगर के सरकारी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ विशाल भजन संध्या में शिरकत की। इस दौरान श्रद्धालुओं का भारी जनसमूह उमड़ पड़ा और पूरे पंडाल में “हर-हर महादेव” के जयकारे गूंज उठे। मुख्यमंत्री ने भी श्रद्धालुओं के साथ जयकारे लगाए। प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी ने भक्ति गीतों के माध्यम से संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की आपसी भाईचारे, धार्मिक सद्भाव और सामाजिक एकता की परंपरा राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। पंजाब में सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और राम नवमी, गुरुपर्व, शहीदी समागम, हनुमान जयंती, ईद सहित सभी त्योहार एकजुट होकर मनाते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की उपजाऊ धरती पर सब कुछ उग सकता है, लेकिन नफरत के बीज इस पवित्र धरती पर कभी अंकुरित नहीं हो सकते।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि 40 लाख नई पंजीकृत महिलाओं को 1 अगस्त से सम्मान राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। प्रत्येक महिला के बैंक खाते में ₹3,000 तथा अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं के खातों में ₹4,500 ट्रांसफर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लोगों का पैसा लोगों को वापस लौटा रही है और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों से विपक्ष परेशान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक उत्साह, खुशी और भक्ति से परिपूर्ण इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेना उनके लिए गर्व और संतोष का विषय है। रूपनगर की धरती समृद्ध विरासत, संस्कृति और आध्यात्मिकता की भूमि है। यहां इस पावन अवसर को मनाना राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ों के प्रति गहरे सम्मान को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में शांति, धार्मिक सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। सरकार महान गुरुओं, संतों, महात्माओं और पैगंबरों द्वारा दिखाए गए सत्य के मार्ग पर चल रही है। सरकार का विशेष ध्यान पंजाब के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल के माध्यम से सशक्त बनाने पर है, ताकि वे उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि महान गुरुओं ने पंजाबियों को धार्मिक सद्भाव, शांति और भाईचारे का मार्ग दिखाया है। भगवान शिव दया और करुणा के देवता हैं, जो श्रद्धालुओं को काम, क्रोध और लोभ जैसी बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम पारंपरिक उत्साह के साथ मनाए जाने चाहिए, क्योंकि ये समाज में प्रेम, दया, भाईचारे और सद्भावना को मजबूत करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार सभी धर्मों को समान सम्मान देती है। एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के रूप में राज्य सरकार ने सभी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर मनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं। उन्होंने बताया कि ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जबकि श्री गुरु रविदास जी के आगामी 650वें प्रकाश पर्व को भव्य स्तर पर मनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं को श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, श्री आनंदपुर साहिब और नैना देवी जी सहित विभिन्न पवित्र स्थलों की निःशुल्क यात्रा करवा रही है। अब इस योजना का विस्तार करते हुए हरिद्वार, खाटू श्याम जी महाराज, सालासर बालाजी और अन्य धार्मिक स्थलों को भी इसमें शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह योजना सभी जातियों, धर्मों, आय वर्गों और क्षेत्रों के लोगों के लिए खुली है तथा श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए अपनी जेब से एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ता। मुख्यमंत्री ने पंजाब के लोगों से जाति, रंग, नस्ल और धर्म के संकीर्ण भेदभाव से ऊपर उठकर ऐसे शुभ अवसरों को मिल-जुलकर मनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण और राज्य की प्रगति को तेज करने के लिए विभाजनकारी तथा सांप्रदायिक एजेंडों को नकारना जरूरी है। उन्होंने लोगों से सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने, पिछड़े वर्गों का सहारा बनने और खुशहाल व नशा-मुक्त पंजाब के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। श्रद्धालु भगवान शिव और भगवान परशुराम जी की महिमा में लीन रहे, जबकि प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी ने भक्ति और धार्मिक उत्साह से भरपूर भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।