पंजाब की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंगलवार को पार्टी के कई राज्यों के प्रभारियों में बदलाव किया, जिसमें पंजाब की जिम्मेदारी पूनिया को दी गई।
सतीश पूनिया पहले राजस्थान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और हरियाणा में भी पार्टी के प्रभारी की भूमिका निभा चुके हैं। हरियाणा में 2024 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की लगातार तीसरी जीत के बाद पार्टी अब पंजाब में भी वहां की रणनीति से कुछ सीख लेने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में बीजेपी की रणनीति में जाट सिखों के साथ-साथ ओबीसी और दलित समुदाय तक पहुंच बढ़ाना अहम हो सकता है।
पूनिया खुद जाट समुदाय से आते हैं और हाल ही में राजस्थान से राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। पंजाब में पार्टी के लिए संगठन को मजबूत करना और अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच राजनीतिक आधार बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी।
गौर करने वाली बात यह भी है कि पंजाब में बीजेपी के प्रभारी का पद पूर्व गुजरात मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के निधन के बाद खाली था। पूनिया को कुछ महीने पहले ही पंजाब संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अब उन्हें औपचारिक रूप से राज्य का प्रभारी बनाया गया है।
आने वाले महीनों में यह नियुक्ति पंजाब की चुनावी राजनीति में बीजेपी की रणनीति को किस दिशा में ले जाती है, इस पर सभी राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।