पठानकोट में 'एक शाम भगवान शिव के नाम' कार्यक्रम में केजरीवाल और मान शामिल, महिलाओं की सहायता राशि व तीर्थ यात्रा योजना पर किए कई ऐलान
पठानकोट, 17 जुलाई। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को पठानकोट में आयोजित 'एक शाम भगवान शिव के नाम' भजन संध्या में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी और धार्मिक पर्यटन योजनाओं का उल्लेख करते हुए कई घोषणाएं कीं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 'मांवां-धियां सत्कार योजना' के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं के खातों में 3,000 रुपये की राशि पहुंच चुकी है। उन्होंने घोषणा की कि जिन महिलाओं का पंजीकरण पूरा हो चुका है लेकिन अभी भुगतान नहीं मिला है, उन्हें 1 अगस्त को राशि उनके बैंक खातों में भेज दी जाएगी।
केजरीवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सराहना करते हुए दावा किया कि उन पर, उनके परिवार या मंत्रिमंडल पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बचाया गया प्रत्येक रुपया जनता के कल्याण पर खर्च किया जा रहा है, जिसके तहत मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य बीमा, तीर्थ यात्रा और महिला सम्मान योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि पंजाब के सभी 22 जिलों में 'एक शाम भगवान शिव के नाम' कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का विस्तार करते हुए 1 अगस्त से खाटू श्याम-सालासर, हरिद्वार-ऋषिकेश तथा मथुरा-वृंदावन के तीन नए रूट शुरू किए जाएंगे, जिनसे लगभग 1.5 लाख श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा।
केजरीवाल ने कहा कि पटियाला के काली माता मंदिर के पुनर्विकास पर लगभग 80 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और यह कार्य अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर के निकट माता सीता और लव-कुश को समर्पित एक भव्य मंदिर बनाने की योजना की भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब की पहचान भाईचारे, सांप्रदायिक सौहार्द और साझा संस्कृति से है। उन्होंने कहा कि "पंजाब की धरती पर हर बीज उग सकता है, लेकिन नफरत का बीज कभी नहीं उग सकता।" उन्होंने कहा कि रामनवमी, गुरुपर्व, ईद, हनुमान जयंती और शहीदी दिवस सभी पंजाबवासियों के साझा पर्व हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का खजाना जनता का है और सरकार का दायित्व भ्रष्टाचार व फिजूलखर्ची रोककर उसी धन को जनकल्याण पर खर्च करना है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने लगभग 68 हजार सरकारी नौकरियां, 10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा योजना, 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली तथा महिलाओं के लिए 'मांवां-धियां सत्कार योजना' जैसी योजनाएं लागू की हैं।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से नशा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार मुक्त 'रंगला पंजाब' बनाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।