सरबजीत कौर मामले में नया मोड़, नासिर की पहली पत्नी ने पति और सरबजीत के खिलाफ दायर की याचिका
पाकिस्तान। भारत से पाकिस्तान गई सरबजीत कौर से जुड़े मामले में अब नया मोड़ आ गया है। नासिर हुसैन की पहली पत्नी साइमा नासर ने एडवोकेट अली चंगेजी संधू के माध्यम से अपने पति नासिर हुसैन और सरबजीत कौर के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। साइमा ने आरोप लगाया है कि उनके पति ने उनकी अनुमति के बिना दूसरी शादी की और उन्हें चार नाबालिग बच्चों समेत घर से बाहर कर दिया। उन्होंने बच्चों के गुजारा भत्ते और आवास की मांग भी की है।
एडवोकेट अली चंगेजी संधू के अनुसार, मामला अब केवल वीजा उल्लंघन अथवा धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विवाद नहीं रह गया है, बल्कि नासिर हुसैन की पहली पत्नी भी अपने और बच्चों के अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।
सरबजीत पर घर पर कब्जा करने का आरोप
साइमा नासर ने आरोप लगाया है कि भारत से यात्रा वीजा पर पाकिस्तान पहुंची सरबजीत कौर ने उनके घर पर कथित तौर पर कब्जा कर लिया। उनका दावा है कि उन्हें और उनके चार नाबालिग बच्चों को घर से बाहर निकाल दिया गया तथा उनके कपड़े भी बाहर फेंक दिए गए। साइमा के मुताबिक, इस घटनाक्रम के बाद उनके और बच्चों के सामने रहने और खाने का संकट पैदा हो गया।
इसी को लेकर अदालत में बच्चों के मासिक भत्ते और आवास की मांग करते हुए याचिका दायर की गई है। एडवोकेट संधू का कहना है कि पाकिस्तान के संबंधित कानून के तहत दूसरी शादी को लेकर पहली पत्नी की अनुमति से जुड़े प्रावधान लागू होते हैं। उनका आरोप है कि नासिर हुसैन ने पहली पत्नी की जानकारी और सहमति के बिना सरबजीत कौर से निकाह किया, जिसकी वैधानिकता अब अदालत के समक्ष जांच का विषय है।
बताया गया है कि अदालत की ओर से नासिर हुसैन को नोटिस जारी किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई अदालत में उनकी पेशी और जवाब के बाद तय होगी।
10 महीने से संपर्क नहीं करने का आरोप
साइमा नासर ने आरोप लगाया कि पिछले करीब 10 महीनों से नासिर हुसैन ने न तो उनसे और न ही बच्चों से संपर्क किया है। उनका कहना है कि बच्चों के पालन-पोषण के लिए कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई और उनका कथित हक-मेहर भी अदा नहीं किया गया।
साइमा ने कहा कि सरबजीत कौर के पाकिस्तान आने के बाद उनके परिवार का जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने दोनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियां उनके बच्चों की परवरिश और भविष्य के लिए उचित नहीं हैं।
साइमा का कहना है कि वह अपने चारों बच्चों के लिए सुरक्षित आवास, गुजारा भत्ता और उनके कानूनी अधिकार हासिल करना चाहती हैं। फिलहाल अदालत में मामला विचाराधीन है और नासिर हुसैन तथा सरबजीत कौर का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।