26 साल बाद शिमला जिला परिषद पर भाजपा का कब्जा, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत
शिमला। शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर महत्वपूर्ण राजनीतिक बढ़त हासिल की है। भूपेंद्र सिंह सिसोदिया जिला परिषद अध्यक्ष और भरत सिंह कलांटा उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। भाजपा ने इसे 26 वर्षों बाद मिली बड़ी सफलता बताते हुए हिमाचल प्रदेश के बदलते राजनीतिक माहौल का संकेत माना है।
चंदलोग-नेरूवा वार्ड से निर्वाचित भूपेंद्र सिंह सिसोदिया ने अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार सुरेंद्र रेटका को हराया। सिसोदिया को 13 वोट मिले, जबकि रेटका को 10 मत प्राप्त हुए। दो वोट निरस्त घोषित किए गए। वहीं उपाध्यक्ष पद के चुनाव में टिक्कर वार्ड से निर्वाचित भाजपा समर्थित भरत सिंह कलांटा को 14 वोट मिले, जबकि कांग्रेस समर्थित मीनाक्षी को 10 वोट प्राप्त हुए। इस चुनाव में एक वोट निरस्त हुआ।
परिणाम घोषित होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। शिमला में ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का स्वागत किया गया और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को जीत की बधाई दी।
भाजपा ने बताया जनमत का संकेत
राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने इस जीत को हिमाचल प्रदेश में बदलते राजनीतिक समीकरणों का स्पष्ट संकेत बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 12 जिला परिषदों में से 11 में भाजपा का प्रभाव स्थापित होना जनता के रुझान को दर्शाता है।
महाजन ने दावा किया कि प्रदेश में कर्मचारी, युवा, महिलाएं और ग्रामीण वर्ग विभिन्न मुद्दों को लेकर असंतुष्ट हैं, जिसका असर स्थानीय निकाय चुनावों में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रही है, लेकिन लोग अब अपना मन बना चुके हैं।
मंत्रियों के गृह जिले में कांग्रेस को झटका
हर्ष महाजन ने कहा कि शिमला जिला परिषद का परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जिला कांग्रेस सरकार के कई प्रभावशाली मंत्रियों का गृह क्षेत्र है। इसके बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद नहीं बचा सकी। उनके अनुसार यह परिणाम जनता के बदलते मूड और सरकार के प्रति बढ़ते असंतोष का संकेत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिला परिषद चुनावों को लंबे समय तक टाला गया और मामला अदालत तक पहुंचने के बाद चुनाव करवाए गए। महाजन ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी बताया।
विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील
महाजन ने कहा कि चुनाव समाप्त होने के बाद अब सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को राजनीतिक मतभेद भुलाकर जिले के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों की राय और सहयोग के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाना प्राथमिकता होगी।
लोकतंत्र की जीत : डॉ. सिकंदर कुमार
राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने भी शिमला जिला परिषद में भाजपा की जीत को लोकतंत्र और जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि 102 दिनों के लंबे इंतजार के बाद चुनाव हुए और जनता ने अपने मत के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है।
भाजपा इस जीत को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत मान रही है, जबकि कांग्रेस के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का विषय माना जा रहा है।