एक साल बाद भी गिरफ्तारी नहीं?
फायरिंग मामले में हाईकोर्ट ने कहा—हथियार बरामद नहीं, कस्टोडियल पूछताछ जरूरी
अग्रिम जमानत दो बार खारिज होने के बावजूद कार्रवाई पर सवाल • राजनीतिक प्रभाव के आरोपों ने मामले को बनाया और गंभीर
जालंधर (विशेष रिपोर्ट)। बस्ती बावा खेल थाने में दर्ज फायरिंग के मामले ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। 17 जून 2025 को दर्ज एफआईआर में मुख्य आरोपी के तौर पर नामजद रवि कुमार पटेल की गिरफ्तारी को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। इस बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 10 मार्च 2026 को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए की गई टिप्पणियों ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, पुलिस का आरोप है कि घटना में आरोपी की मुख्य भूमिका थी और उस पर भीड़ के बीच रिवॉल्वर से कई फायर करने के आरोप हैं। अदालत ने यह भी दर्ज किया कि कथित हथियार अभी तक बरामद नहीं हुआ है और प्रभावी जांच के लिए आरोपी से कस्टोडियल पूछताछ जरूरी है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
राजनीतिक दबाव के आरोपों ने खड़े किए नए सवाल
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि एक शिवसेना नेता के कथित प्रभाव के कारण आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि जब सत्र अदालत और हाईकोर्ट दोनों स्तरों पर अग्रिम जमानत खारिज हो चुकी है, तो पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी और जांच की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है? यदि नहीं, तो गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? क्या कथित हथियार बरामद करने के लिए पुलिस ने कोई विशेष कार्रवाई की? और क्या जांच पर किसी तरह का बाहरी प्रभाव है?
सत्र अदालत से हाईकोर्ट तक राहत नहीं
हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, इससे पहले 17 अक्टूबर 2025 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जालंधर की अदालत ने भी आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
इस तरह आरोपी को दो अलग-अलग न्यायिक स्तरों से अग्रिम जमानत में राहत नहीं मिली। इसके बावजूद मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आने से सवाल उठ रहे हैं।
तथ्यात्मक टाइमलाइन
- 17 जून 2025: फायरिंग मामले में एफआईआर दर्ज।
- 17 अक्टूबर 2025: अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जालंधर ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की।
- 10 मार्च 2026: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी अग्रिम जमानत देने से इनकार किया।
- हाईकोर्ट की टिप्पणी: कथित हथियार बरामद नहीं हुआ और प्रभावी जांच के लिए कस्टोडियल पूछताछ जरूरी बताई गई।
जांच पर उठ रहे सवाल
मामले में अब मुख्य सवाल यह हैं—
क्या आरोपी रवि कुमार पटेल गिरफ्तार हुआ या नहीं?
क्या कथित रिवॉल्वर बरामद हुई या नहीं?
यदि गिरफ्तारी नहीं हुई तो इसके पीछे पुलिस की ओर से क्या कारण बताए गए हैं?
क्या राजनीतिक प्रभाव को लेकर कोई शिकायत पुलिस के पास पहुंची?
10 मार्च 2026 के हाईकोर्ट आदेश के बाद जांच में क्या प्रगति हुई?
अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर
एफआईआर दर्ज हुए एक साल से अधिक समय बीत चुका है। वहीं, दो अदालतों द्वारा अग्रिम जमानत से राहत नहीं दिए जाने और हाईकोर्ट द्वारा कथित हथियार की बरामदगी तथा कस्टोडियल पूछताछ को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण बताए जाने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।
मामले में पुलिस की ओर से गिरफ्तारी, हथियार की बरामदगी और जांच की वर्तमान स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।