एशियन गेम्स 2026: टेकबॉल में क्विम्सी डिसूजा का गोल्ड का सपना टूटा, अब ब्रॉन्ज पर नजर
एशियन गेम्स 2026 में पहली बार शामिल किए गए टेकबॉल में भारत की 24 वर्षीय खिलाड़ी क्विम्सी जोआकिम डिसूजा को महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। नागोया सिटी हिगाशी स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए मुकाबले में इंडोनेशिया की सुमाया ने क्विम्सी को 1-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
क्विम्सी ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में की और पहला सेट 12-7 से अपने नाम किया। हालांकि, इसके बाद सुमाया ने वापसी करते हुए दूसरा सेट 12-9 से जीत लिया। निर्णायक तीसरे सेट में भी इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने दबदबा बनाए रखा और 12-7 से जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
रविवार को ब्रॉन्ज के लिए होगा मुकाबला
सेमीफाइनल में हार के बावजूद क्विम्सी के पास भारत के लिए टेकबॉल में पहला एशियन गेम्स पदक जीतने का मौका बरकरार है। रविवार को होने वाले ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में उनका सामना म्यांमार की वाई खिन हिन और लेबनान की कमर दंदल के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की हारने वाली खिलाड़ी से होगा।
अगर क्विम्सी ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला जीतती हैं, तो वह एशियन गेम्स में टेकबॉल में भारत के लिए पहला पदक हासिल करने वाली खिलाड़ी बन जाएंगी।
ग्रुप स्टेज में रहा शानदार प्रदर्शन
क्विम्सी ने ग्रुप चरण में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने दोनों मुकाबले जीते थे। उन्होंने जापान की युइना साकामोटो को 2-1 से हराया, जबकि अगले मुकाबले में कोमयेन डाई को 2-0 से मात दी। ग्रुप-बी में शीर्ष स्थान हासिल करने के कारण उन्हें क्वार्टर फाइनल में बाई मिली और वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गईं।
रनिंग और फुटबॉल से टेकबॉल तक का सफर
मुंबई की रहने वाली क्विम्सी का खेल सफर भी खासा दिलचस्प है। 13 वर्ष की उम्र तक वह मिडिल डिस्टेंस रनर थीं। इसके बाद उन्होंने फुटबॉल खेलना शुरू किया और अंडर-19 स्तर तक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
बाद में उन्होंने स्पोर्ट्स मैनेजमेंट की पढ़ाई की और डेकाथलॉन में नौकरी शुरू की। सोशल मीडिया पर ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को टेकबॉल खेलते देखने के बाद उनकी इस खेल में रुचि बढ़ी। उन्होंने बेंगलुरु में टेकबॉल की ट्रेनिंग शुरू की और मेहनत के दम पर 7 बार राष्ट्रीय चैंपियन बनने के बाद अब एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।