नेशनल डेस्क : वैदिक मान्यताओं और विज्ञान दोनों के अनुसार ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है। जहां पारंपरिक मान्यताओं में इसे अशुभ समय माना जाता है, वहीं विज्ञान इसे सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की विशेष स्थिति के कारण होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया बताता है।
अप्रैल में नहीं होगा कोई ग्रहण
अप्रैल 2026 में न तो सूर्य ग्रहण लगेगा और न ही चंद्र ग्रहण। इसलिए इस महीने ग्रहण को लेकर किसी प्रकार की चिंता या विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता नहीं है।
2026 में अब तक लग चुके ग्रहण
इस साल अब तक दो प्रमुख ग्रहण लग चुके हैं—
- पहला सूर्य ग्रहण: 17 फरवरी
- दूसरा चंद्र ग्रहण: 3 मार्च
इन दोनों ग्रहणों के साथ ही साल की शुरुआत में ही खगोलीय घटनाएं देखी जा चुकी हैं।
अब कब लगेंगे अगले ग्रहण?
अब साल 2026 के अगले ग्रहण अगस्त महीने में लगेंगे—
- 12 अगस्त 2026 : सूर्य ग्रहण (भारत में दिखाई नहीं देगा)
- 28 अगस्त 2026 : चंद्र ग्रहण
इस प्रकार अगस्त में दोनों प्रकार के ग्रहण फिर से देखने को मिलेंगे।
ग्रहण के दौरान क्या करें, क्या न करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है—
- पूजा-पाठ से परहेज
- भोजन बनाने और खाने से बचना
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और शुद्धि
हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह एक सामान्य खगोलीय प्रक्रिया है और इसका दैनिक जीवन पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं माना जाता।