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CM भगवंत मान के OSD से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट का अहम आदेश, CBI जांच पर रोक लगाने से इनकार

13 Oct 2026 | 81 Views

CM भगवंत मान के OSD से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट का अहम आदेश, CBI जांच पर रोक लगाने से इनकार

CM भगवंत मान के OSD से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट का अहम आदेश, CBI जांच पर रोक लगाने से इनकार

पंजाब सरकार को अंतरिम राहत की मांग पर झटका, फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक; जांच जारी रहेगी

चंडीगढ़ (Mera Bharat News): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी रहेगी। हालांकि, अंतरिम राहत देते हुए फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है।

हाईकोर्ट के आदेश को पंजाब सरकार ने दी थी चुनौती

यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय से संबंधित कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए गए थे।

हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सरकार की ओर से जांच प्रक्रिया पर रोक लगाने और सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी (FIR) के संबंध में राहत देने की मांग की गई थी।

CBI जांच जारी रखने का रास्ता साफ

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सीबीआई जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके परिणामस्वरूप जांच एजेंसी मामले में अपनी जांच जारी रख सकेगी। अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी करके मामले में उसका पक्ष जानना चाहा है।

हालांकि, अदालत ने अंतरिम आदेश के तहत गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। इस राहत का दायरा और अवधि अदालत के आदेश की सटीक शर्तों के अनुसार ही समझी जानी चाहिए।

अब CBI के जवाब पर रहेगी नजर

इस मामले में अब सीबीआई के जवाब और सुप्रीम कोर्ट में आगे होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी। अदालत की अंतरिम व्यवस्था के बीच जांच जारी रहने से मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की पड़ताल आगे बढ़ सकती है।

गौरतलब है कि कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। जांच जारी रखने के आदेश को किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। मामले में अंतिम निष्कर्ष संबंधित साक्ष्यों और अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा।

Published on: 13 Oct 2026

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