जालंधर में पुलिस नाके पर निजी युवकों की मौजूदगी पर उठे सवाल, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
जालंधर (Mera Bharat News): महानगर में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार को घास मंडी चौक के पास चुंगी पर लगाए गए पुलिस नाके के दौरान वर्दीधारी कर्मचारियों के साथ दो निजी युवक भी वाहन चालकों को रोकते दिखाई दिए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नाके पर निजी व्यक्तियों की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
पत्रकार के सवाल पर युवक ने मानी वाहन रोकने की बात
वायरल वीडियो के अनुसार, पुलिस नाके पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को रोककर कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान पुलिस कर्मचारियों के साथ मौजूद दो युवक भी वाहनों को रोकते नजर आए।
जब मौके पर मौजूद एक पत्रकार ने इनमें से एक युवक से उसकी भूमिका के बारे में सवाल किया, तो उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह नाके पर वाहन चालकों को रोक रहा था। वीडियो बनाए जाने पर युवक ने पत्रकार से वीडियो नहीं चलाने की अपील की और भविष्य में ऐसा न करने की बात भी कही।
पुलिस कर्मचारियों ने निजी युवकों से किया इनकार
मामले में उस समय सवाल और बढ़ गए, जब पुलिस कर्मचारियों से नाके पर निजी युवकों की मौजूदगी के बारे में पूछा गया। जानकारी के अनुसार, पुलिस कर्मचारियों ने उनके साथ किसी निजी कर्मचारी के मौजूद होने से इनकार किया।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि युवक पुलिसकर्मी नहीं थे, तो वे किस अधिकार या अनुमति के तहत नाके पर वाहन चालकों को रोक रहे थे? क्या वे पुलिस की सहायता के लिए अधिकृत थे या वहां उनकी मौजूदगी का कोई अन्य कारण था? इन सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
ट्रैफिक कार्रवाई में निजी लोगों की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ युवक पुलिस के साथ रहकर वाहन चालकों को रोकते हैं और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर चालान करवाने का दबाव बनाते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
ट्रैफिक नियमों का पालन करवाना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन नाके पर निजी व्यक्तियों की भूमिका और उनके अधिकारों को लेकर पारदर्शिता भी जरूरी है। वायरल वीडियो के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित पुलिस अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर जांच करते हैं या नहीं।
फिलहाल, वायरल वीडियो और सामने आए आरोपों के संबंध में पुलिस की आधिकारिक जांच या स्पष्टीकरण का इंतजार है।