कमिश्नरेट पुलिस ने जब्त वाहनों के निपटारे की प्रक्रिया तेज की, वाहन मालिकों से की अपील
वर्षों से पुलिस परिसरों और ट्रैफिक स्टैंड में खड़े वाहनों को लेकर जारी किया गया नोटिस
जालंधर वासियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने विभिन्न मामलों में जब्त किए गए और लंबे समय से पुलिस परिसरों तथा ट्रैफिक स्टैंड में खड़े वाहनों के निपटारे की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से एक पत्र जारी कर वाहन मालिकों को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
जारी सूचना के अनुसार वर्ष 2009 से 2022 के दौरान जब्त किए गए कुल 13 वाहन वर्तमान में ट्रैफिक स्टैंड और कमिश्नरेट पुलिस परिसर में खड़े हैं। इसके अलावा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत विभिन्न मामलों में जब्त किए गए कई अन्य वाहन भी कमिश्नरेट जालंधर के अलग-अलग पुलिस थानों और ट्रैफिक स्टैंड में लंबे समय से लावारिस अवस्था में खड़े हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन वाहनों को उनके मालिकों द्वारा अब तक रिलीज नहीं करवाया गया है, जिसके चलते वे वर्षों से पुलिस परिसर में जगह घेर रहे हैं। विभाग ने ऐसे वाहनों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि लंबित मामलों का समाधान किया जा सके और पुलिस परिसरों में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग हो सके।
कमिश्नरेट पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि यदि उनका कोई वाहन पुलिस या ट्रैफिक विभाग द्वारा जब्त किया गया है तो वे संबंधित दस्तावेजों के साथ निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करें और अपने वाहन को जल्द से जल्द रिलीज करवाएं। पुलिस का कहना है कि समय रहते दावा न करने की स्थिति में नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहन की रिहाई के लिए वाहन स्वामित्व से संबंधित मूल दस्तावेज, पहचान पत्र तथा अन्य आवश्यक कागजात प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके बाद नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर वाहन मालिक अपने वाहन वापस प्राप्त कर सकते हैं।
पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि लंबे समय से खड़े वाहनों के निपटारे की यह प्रक्रिया प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।