पंजाब में सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की जांच के तहत की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में आरोपी, उसके सहयोगियों और संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़े परिसरों को जांच में शामिल किया गया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है।
CBI केस से जुड़ी है जांच
ईडी की यह कार्रवाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज मामले पर आधारित है। CBI ने अक्टूबर 2025 में भुल्लर को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक आपराधिक मामले के निपटारे के लिए बिचौलिए के माध्यम से रिश्वत मांगी और अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित की।
छापेमारी का उद्देश्य
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य:
- अपराध से अर्जित धन का पता लगाना
- बेनामी संपत्तियों की पहचान करना
- मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जुटाना
CBI जांच में क्या मिला था
CBI द्वारा 16-17 अक्टूबर 2025 को की गई तलाशी में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए:
- नकदी: करीब 7.36 करोड़ रुपये (जिसमें अधिकांश राशि जब्त)
- गहने व कीमती सामान: लगभग 2.32 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के गहने और 26 महंगी घड़ियां
- संपत्ति: मोहाली, होशियारपुर और लुधियाना में लगभग 150 एकड़ जमीन, साथ ही चंडीगढ़ के सेक्टर 40-बी और 39 में दो मकान
- वाहन: मर्सिडीज, ऑडी, इनोवा और फॉर्च्यूनर समेत 5 लग्जरी गाड़ियां
- बैंक डिटेल्स: 5 बैंक खाते और 2 एफडी
इन संपत्तियों का संबंध भुल्लर, उनकी पत्नी, बेटे, बेटी और अन्य परिजनों से बताया गया है।