पंजाब स्टार्टअप हब बनने की ओर अग्रसर, 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट: मुख्यमंत्री भगवंत मान
चंडीगढ़, 9 जून: पंजाब को देश के प्रमुख स्टार्टअप केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने 31 स्टार्टअप्स और उनके संस्थापकों को कुल 1.07 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट वितरित की। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवा अब नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाले बन रहे हैं और राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए हर संभव सहयोग देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में नवाचार, उद्यमिता और नए विचारों के कारण विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब के सफल उद्यमियों की अगली पीढ़ी न केवल राज्य से निकले, बल्कि अपनी कंपनियां भी पंजाब में स्थापित करे, ताकि रोजगार और निवेश के अवसर यहीं पैदा हों।
31 स्टार्टअप्स को मिली वित्तीय सहायता
मुख्यमंत्री के अनुसार, ‘पंजाब स्टार्टअप एवं उद्योग नीति-2026’ के तहत सीड ग्रांट की अधिकतम राशि 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।
7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपये की ग्रांट प्रदान की गई।
24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपये की सहायता दी गई।
कुल 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपये वितरित किए गए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि ये स्टार्टअप्स हजारों रोजगार अवसर पैदा करेंगे और युवाओं के विदेश जाकर नौकरी खोजने की प्रवृत्ति को कम करेंगे।
स्टार्टअप्स पंजाब की अर्थव्यवस्था का भविष्य
भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी प्रतिभाशाली उद्यमी केवल वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण अपना सपना न छोड़े। उन्होंने कहा कि एक छोटे बीज को वृक्ष बनने के लिए जिस तरह पोषण की जरूरत होती है, उसी तरह किसी नए व्यवसाय को शुरुआती वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक, टेक्सटाइल, विनिर्माण और शासन जैसे क्षेत्रों में उभर रहे स्टार्टअप्स पंजाब की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे।
पंजाबियों की उद्यमी सोच का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबियों की पहचान दुनिया भर में मेहनत, जज्बे और उद्यमिता के लिए है। उन्होंने कहा कि कई सफल भारतीय कंपनियों की स्थापना या सह-स्थापना पंजाबियों ने की है और भविष्य में भी पंजाब वैश्विक स्तर के उद्यमियों को जन्म देता रहेगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा उद्यमियों की धरती रहा है और राज्य सरकार ऐसा वातावरण तैयार कर रही है जहां युवाओं के विचार विश्व स्तरीय कंपनियों में बदल सकें।
वैश्विक मॉडल से प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने अपने विदेशी दौरों का उल्लेख करते हुए कहा कि दक्षिण कोरिया की Pangyo Techno Valley और नीदरलैंड के World Horti Center जैसे नवाचार केंद्रों ने दिखाया है कि योजनाबद्ध इनोवेशन इकोसिस्टम किसी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बदल सकता है।
युवाओं को दिया बड़ा संदेश
युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे छोटे लक्ष्य न रखें, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाली कंपनियां बनाने का सपना देखें। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी कंपनी की शुरुआत छोटे स्तर से होती है और सही समर्थन, मेहनत तथा जोखिम लेने की क्षमता उसे सफलता तक पहुंचाती है।
‘स्टार्टअप पंजाब सीड ग्रांट’ पहल
राज्य सरकार के अनुसार, यह पहल स्टार्टअप्स को शुरुआती वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार प्रदाता बनने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। चयनित स्टार्टअप्स कृषि, एआई, तकनीक, टेक्सटाइल, विनिर्माण और अन्य उभरते क्षेत्रों से जुड़े हैं।
सरकार का मानना है कि यह पहल राज्य में रोजगार सृजन, निवेश वृद्धि और युवाओं के पलायन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा पंजाब को देश के अग्रणी स्टार्टअप राज्यों में शामिल करने में मदद करेगी।