सांसद मालविंदर सिंह ने संसद में शादी के बाद बढ़ते धोखे और घरेलू हिंसा का उठाया मुद्दा
शादी से पहले दूल्हे की मेडिकल जांच अनिवार्य करने के लिए की कानून बनाने की मांग
चंडीगढ़/ दिल्ली 27 मार्च
आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने देश की बेटी-बहनों की सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने वर्तमान समाज में बढ़ते तलाक के मामलों और घरेलू हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से विवाह कानूनों में कड़े सुधार करने की मांग की।
संसद को संबोधित करते हुए सांसद मालविंदर सिंह ने कहा कि आज हमारे देश में शादियाँ टूटने और घरों के बिखरने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यह समस्या केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत के परिवारों को अपनी चपेट में ले रही है।
उन्होंने समाज के दोहरे मानदंडों पर प्रहार करते हुए कहा कि हम शादी से पहले लड़की की शिक्षा, चरित्र और पारिवारिक पृष्ठभूमि की बारीकी से जांच करते हैं, लेकिन जब बात लड़के की आती है, तो हम अपनी आँखें मूंद लेते हैं। शादी के बाद लड़को में सामने आने वाले नशा, गंभीर बीमारियाँ और आपराधिक प्रवृत्तियाँ अनगिनत जिंदगियों को बर्बाद कर रही हैं।
कंग ने भारत सरकार और सभी राज्य सरकारों से इस दिशा में तुरंत कड़े कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने मांग की कि मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने से पहले लड़के का डोप टेस्ट अनिवार्य किया जाए। विवाह से पूर्व लड़के के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट को कानूनी रूप से आवश्यक बनाया जाए।
कंग ने कहा कि यह एक छोटा सा सुधार हमारे देश की महिलाओं के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित होगा।