वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे में लापता लुधियाना निवासी यश भल्ला का शव तीन दिन बाद बरामद हो गया। मंगलवार को सलेम टाबरी के पीरू बंदा श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग नम आंखों के साथ अंतिम विदाई देने पहुंचे।पहली बार वृंदावन गया था यश, यमुना हादसे में गई जान, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
3 दिन बाद बरामद हुआ शव परिवार, रिश्तेदार, दोस्त और शहर के लोग नम आंखों से उसे अंतिम विदाई देने पहुंचे। हर चेहरा उदास और हर आंख नम दिखाई दे रही थी। इस दौरान यश भल्ला के माता-पिता ने बेहद भावुक होकर बताया कि यश पहली बार ही वृंदावन गया था। उन्हें क्या पता था कि यह उसकी जिंदगी की पहली और आखिरी यात्रा बन जाएगी। परिजनों के इन शब्दों ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले यमुना नदी में हुए हादसे के दौरान यश लापता हो गया था। घटना के बाद से ही परिवार और प्रशासन उसकी तलाश में जुटे हुए थे। हर पल एक उम्मीद थी कि यश सकुशल वापस लौट आएगा, लेकिन तीन दिन बाद जब उसका शव नदी से बरामद हुआ, तो यह खबर पूरे परिवार के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी। श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
परिजनों के अनुसार, यश पहली बार वृंदावन गया था, लेकिन यह उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित हुई। हादसे में पहले ही दो लोगों की मौत हो चुकी थी और कई लोग घायल हुए थे। बताया जा रहा है कि तेज हवा के कारण नाव पुल से टकराकर पलट गई थी।
श्मशान घाट में गमगीन माहौल रहा। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं शहरभर के लोग इस दुखद घड़ी में उनके साथ खड़े नजर आए। प्रशासन द्वारा हादसे की जांच जारी है।