16,000 किलोमीटर नहरों और खालों का पुनर्जीवन कर रही है पंजाब सरकार, कई इलाकों में 5 मीटर तक बढ़ा भूजल स्तर: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़, 6 अगस्त। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर नहरों, खालों और जल संरक्षण परियोजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार अब तक 16,000 किलोमीटर जलमार्गों (खालों) का निर्माण और पुनर्जीवन कर चुकी है तथा किसानों के खेतों तक पर्याप्त सिंचाई सुनिश्चित करने के लिए करीब 39,049 क्यूसेक नहरी पानी छोड़ा जा रहा है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछले 25 से 30 वर्षों में लगातार भूजल दोहन के कारण पंजाब में जल स्तर काफी नीचे चला गया था। इसे सुधारने के लिए सरकार ने नहरी नेटवर्क को पुनर्जीवित करने का व्यापक अभियान शुरू किया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उनके अनुसार, राज्य के कई ब्लॉकों में भूजल स्तर 3 से 5 मीटर तक ऊपर आया है।
उन्होंने बताया कि नहरी पानी के उपयोग से किसानों को लाभ हुआ है। खनिजों से भरपूर नहरी पानी के कारण गेहूं और धान की पैदावार में 1 से 2 क्विंटल प्रति एकड़ तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे किसानों की आय बढ़ी है, बिजली की खपत कम हुई है और प्राकृतिक संसाधनों की भी बचत हुई है।
भूजल संरक्षण के लिए सरकार ने वर्षा जल संचयन को भी बढ़ावा दिया है। वित्त मंत्री ने बताया कि नगर परिषदों और नगर निगमों ने नए भवनों के नक्शे की मंजूरी के लिए रेन वाटर रिचार्ज प्वाइंट अनिवार्य कर दिए हैं। इसके अलावा पूरे पंजाब में 510 भूजल रिचार्ज परियोजनाएं लागू की गई हैं, जिनमें 192 तालाब आधारित और 246 नहर आधारित रिचार्ज योजनाएं शामिल हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भगवंत मान सरकार जल संरक्षण को भविष्य की आवश्यकता मानते हुए दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर पानी को केवल खेती का संसाधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का आधार मानते हुए संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।