70 हजार और 50 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में इंस्पेक्टर व जूनियर ऑडिटर गिरफ्तार
विजिलेंस ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
चंडीगढ़, 23 जून। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, भोगपुर (जिला जालंधर) में तैनात इंस्पेक्टर रजनीश रामपाल तथा जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, जालंधर कार्यालय में तैनात जूनियर ऑडिटर मानव भनोट को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता चीमा मंडी, तहसील सुनाम, जिला संगरूर का निवासी है।
जांच के दौरान सामने आया कि इंस्पेक्टर रजनीश रामपाल ने शिकायतकर्ता के शैलर में खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान कस्टम मिलिंग के लिए आवंटित धान के भंडारण कार्य को पूरा करने के एवज में पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये रिश्वत ली थी। इसके बाद उसने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, भोगपुर के एएफएसओ गुरविंदर सिंह के नाम पर दूसरी किस्त के तौर पर 20 हजार रुपये और वसूले।
इसी प्रकार जूनियर ऑडिटर मानव भनोट पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता से अपने लिए तथा जिला नियंत्रक नरेंद्र सिंह के नाम पर धान के भंडारण कार्य को पूरा करने के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत के रूप में लिए। शिकायतकर्ता द्वारा बनाई गई वीडियो रिकॉर्डिंग में दोनों आरोपियों द्वारा रिश्वत लेने के आरोपों की पुष्टि हुई है।
विजिलेंस ब्यूरो ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना विजिलेंस ब्यूरो, जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ब्यूरो के अनुसार मामले की जांच जारी है और जांच के दौरान अन्य संदिग्ध अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।
विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।