आरबीआई के असाधारण लाभांश को राज्यों के साथ साझा करे केंद्र, सेंट्रल बैंक की मजबूती बनाए रखे सरकार: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़, 22 मई: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मिले लगभग 2.87 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड लाभांश को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इस अप्रत्याशित लाभ को सहकारी संघवाद की भावना के तहत राज्यों के साथ साझा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरबीआई की वित्तीय मजबूती और संस्थागत स्वतंत्रता की रक्षा करना देश की आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आरबीआई की कुल आय करीब 4 लाख करोड़ रुपये में से लगभग 2.87 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार को ट्रांसफर किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है, जो आरबीआई के इतिहास में सबसे बड़े लाभांश हस्तांतरणों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि महंगाई, तेल की बढ़ती कीमतों और आर्थिक दबावों के बीच यह असाधारण ट्रांसफर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना था कि यदि केंद्र सरकार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और सप्लाई से जुड़े दबावों का सामना कर रही है, तो राज्य भी समान चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में आरबीआई से मिलने वाले अप्रत्याशित लाभ को राज्यों के साथ साझा किया जाना चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि राजकोषीय घाटे को कम करना जरूरी है, लेकिन यह आरबीआई की वित्तीय मजबूती और संस्थागत ताकत की कीमत पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संकट के समय आरबीआई देश की अर्थव्यवस्था के लिए सुरक्षा कवच और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने वाली प्रमुख संस्था की भूमिका निभाता है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों और मुद्रा बाजारों में अस्थिरता के दौर में आरबीआई के पास मजबूत रिजर्व और नीतिगत लचीलापन होना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि रिजर्व फंड की अत्यधिक निकासी देश की दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती को प्रभावित कर सकती है।
आरबीआई की स्वायत्तता और विश्वसनीयता का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बैंक की संस्थागत स्वतंत्रता को हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत एक कमजोर केंद्रीय बैंक के साथ मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था का निर्माण नहीं कर सकता।