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आधार कार्ड में नाम बदलने के नियम बदले, UIDAI ने जारी की नई SOP; जानें 5 बड़े बदलाव

06 Oct 2026 | 71 Views

आधार कार्ड में नाम बदलने के नियम बदले, UIDAI ने जारी की नई SOP; जानें 5 बड़े बदलाव

📰 आधार कार्ड में नाम बदलने के नियम बदले, UIDAI ने जारी की नई SOP; जानें 5 बड़े बदलाव

नई दिल्ली। आधार कार्ड में नाम अपडेट कराने वालों के लिए Unique Identification Authority of India (UIDAI) ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। 18 सितंबर 2026 को जारी नई SOP में नाम में बदलाव की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां तय की गई हैं। इसके तहत मामूली सुधार, डेटा-एंट्री की गलती, शादी या तलाक के बाद नाम बदलना और पूरा नाम बदलने के लिए अलग-अलग दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं।

1. मामूली बदलाव के लिए सही पहचान प्रमाण जरूरी

यदि आधार में व्यक्ति की पहचान वही रहती है और केवल नाम में छोटा सुधार करना है, तो इसे मामूली नाम बदलाव माना जाएगा। इसमें शुरुआती अक्षरों को पूरा करना, मिडिल नेम या सरनेम जोड़ना अथवा हटाना, नामों का क्रम बदलना और ऐसी छोटी स्पेलिंग गलती सुधारना शामिल है जिसमें उच्चारण मूल रूप से समान रहता है।

इसके लिए आवेदक को वैध पहचान प्रमाण (PoI) देना होगा। नाबालिगों के कुछ मामलों में परिवार के मुखिया (HoF) के आधार पर रिश्ते का प्रमाण (PoR) भी स्वीकार किया जा सकता है।

2. डेटा-एंट्री की गलती पर अलग हलफनामा

अगर आधार बनाते समय डेटा एंट्री की गलती से नाम गलत दर्ज हो गया है, तो इसके लिए अलग प्रक्रिया होगी। वयस्कों को सही PoI/PoR के साथ निर्धारित Annexure B हलफनामा देना होगा, जबकि नाबालिग के मामले में माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा Annexure C के तहत हलफनामा देना होगा।

महत्वपूर्ण बात यह है कि अपडेट के लिए मांगा गया नाम पहले से प्रस्तुत सही दस्तावेज में दर्ज नाम से मेल खाना चाहिए। दस्तावेजों में नाम का मेल नहीं होने पर अनुरोध अस्वीकार किया जा सकता है।

3. शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलने की सुविधा

शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलने वालों के लिए भी अलग प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में PoI के साथ Annexure D का हलफनामा प्रस्तुत किया जा सकता है। इसमें यह पुष्टि करनी होगी कि सरनेम में बदलाव शादी या तलाक के कारण हुआ है और व्यक्ति की पहचान में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

इसके अलावा, सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट के तौर पर रजिस्टर्ड मैरिज सर्टिफिकेट भी स्वीकार किया जा सकता है। जेंडर परिवर्तन के बाद नाम में बदलाव के लिए भी SOP में अलग प्रावधान रखा गया है।

4. कुछ सुधारों के लिए दस्तावेज की जरूरत नहीं

UIDAI ने कुछ मामूली तकनीकी सुधारों को भी अलग श्रेणी में रखा है। उदाहरण के लिए नाम में गलत तरीके से किए गए capital letters को ठीक करना या नाम से डॉट हटाना जैसे सुधारों के लिए अलग दस्तावेज की आवश्यकता नहीं हो सकती।

वहीं, नाम में 'उर्फ' या 'उपनाम (alias)' शामिल होने जैसे मामलों के लिए अलग नियम निर्धारित किए गए हैं। वयस्कों को निर्धारित Annexure E हलफनामे के साथ PoI देना होगा, जबकि नाबालिगों के लिए Annexure F की प्रक्रिया लागू होगी।

5. पूरा नाम बदलने पर गजट नोटिफिकेशन जरूरी

यदि कोई व्यक्ति अपना पूरा नाम बदलना चाहता है या ऐसा बदलाव करना चाहता है जिससे उसकी पहचान में महत्वपूर्ण परिवर्तन माना जाए, तो इसे Major Name Change की श्रेणी में रखा जाएगा।

ऐसे मामलों में गजट नोटिफिकेशन और वैध PoI की आवश्यकता होगी। UIDAI द्वारा दस्तावेजों और हलफनामों की जांच के बाद ही नाम अपडेट का अनुरोध स्वीकार किया जाएगा।

फर्जीवाड़े पर रोक लगाने की कोशिश

नई SOP का उद्देश्य नाम अपडेट की प्रक्रिया को अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार व्यवस्थित करना और गलत दस्तावेजों के आधार पर होने वाले बदलावों को रोकना है। UIDAI नाम अपडेट अनुरोध को मंजूरी देने से पहले संबंधित दस्तावेज, हलफनामे और गजट नोटिफिकेशन की जांच करेगा।

नई SOP 18 सितंबर 2026 को जारी की गई और हस्ताक्षर की तारीख से प्रभावी हो गई है। इसलिए आधार में नाम बदलने या सुधार कराने से पहले अपनी स्थिति के अनुसार सही दस्तावेज तैयार करना जरूरी होगा।

Published on: 06 Oct 2026

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