🟢 एशियन गेम्स 2026 का शानदार समापन, भारत चौथे स्थान पर रहा
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 का रविवार को भव्य क्लोजिंग सेरेमनी के साथ समापन हो गया। नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित समारोह में भारतीय शूटर नीरू ढांडा ने देश की ध्वजवाहक के रूप में तिरंगा लहराया। नीरू ने इन खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर भारत के सबसे सफल खिलाड़ियों में स्थान बनाया। क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) का ध्वज कतर को सौंपा गया, जहां वर्ष 2030 में अगले एशियन गेम्स आयोजित होंगे।
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदक अपने नाम किए, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। इस उपलब्धि के साथ भारतीय दल पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। चीन 341 पदकों (169 स्वर्ण) के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि मेजबान जापान 269 पदकों के साथ दूसरे और दक्षिण कोरिया 150 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
भारत के लिए तीरंदाजी सबसे सफल खेलों में से एक रही, जहां खिलाड़ियों ने पांच स्वर्ण पदक जीते। मुक्केबाजी में तीन और कुश्ती में दो स्वर्ण पदक आए। पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण जीतकर दबदबा कायम रखा, वहीं क्रिकेट और कबड्डी में भी भारत ने पुरुष एवं महिला दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा।
शूटिंग में भारत ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया, जबकि एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने कठिन मौसम और दबाव के बीच कई महत्वपूर्ण पदक जीते। गोल्फ में प्रणवी उर्स ने महिलाओं के व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा। इसके अलावा बैडमिंटन, स्क्वैश, रोइंग, टेबल टेनिस, वेटलिफ्टिंग, सेलिंग, वुशु, कुराश, एमएमए और सॉफ्ट टेनिस जैसे खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
एशियन गेम्स 2026 भारत के लिए कई ऐतिहासिक उपलब्धियों, नए रिकॉर्डों और उभरती प्रतिभाओं का मंच साबित हुआ। हालांकि कुल पदकों की संख्या पिछली बार से कम रही, लेकिन भारत ने अनेक नए खेलों में सफलता हासिल कर भविष्य के लिए मजबूत उम्मीदें जगाई हैं।