फिल्लौर फायरिंग मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, नूरमहल के गांव पासला से दबोचा
जालंधर रूरल पुलिस ने फिल्लौर की अटवाल कॉलोनी में प्रॉपर्टी डीलर पर हुई फायरिंग के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को नूरमहल क्षेत्र के गांव पासला से गिरफ्तार किया है।
Harvinder Singh Virk ने बताया कि 18 अक्टूबर 2025 को संजीव शर्मा निवासी औड़ (नवांशहर) के बयान पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार वह अपने कारोबारी साझेदार Mandeep Singh alias Gora के साथ फिल्लौर स्थित अटवाल कॉलोनी में अपने कार्यालय के बाहर मौजूद था।
इसी दौरान PB37-K-3777 नंबर की थार गाड़ी वहां आकर रुकी। वाहन से दो व्यक्ति बाहर निकले, जिनमें से एक की पहचान Rahul Lakkar के रूप में हुई। आरोप है कि राहुल ने बातचीत के बहाने मनदीप सिंह को बुलाया और कुछ देर बाद विवाद शुरू कर दिया। इसके बाद उसने पिस्तौल निकालकर जान से मारने की धमकियां दीं।
शिकायत के अनुसार जब संजीव शर्मा और मनदीप सिंह ने उसे रोकने का प्रयास किया तो राहुल उर्फ रितीश ने जान से मारने की नीयत से दो गोलियां चलाईं। इनमें से एक गोली संजीव शर्मा के घुटने के ऊपर लगी। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
तकनीकी निगरानी से मिली सफलता
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दूसरा आरोपी Amandeep Singh alias Raman जालंधर जिले का रहने वाला है। मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर Pushp Bali को सौंपी गई।
खुफिया सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस लगातार आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। 3 जुलाई 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अमनदीप सिंह उर्फ रमन नूरमहल क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद एएसआई Parvinder Singh के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव पासला में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
रिमांड के दौरान होंगे कई अहम खुलासे
एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क के अनुसार वारदात के बाद अमनदीप सिंह अपने साथी राहुल के साथ लगातार गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था। आरोपी को उसके ननिहाल स्थित गांव पासला से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। पूछताछ के दौरान उसके फरार साथी राहुल की गिरफ्तारी, वारदात में इस्तेमाल हथियार के स्रोत, फरारी के दौरान उपयोग किए गए वाहन तथा फरारी के समय जिन लोगों के संपर्क में वह रहा, उनसे संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।
पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। साथ ही आरोपी द्वारा कथित तौर पर गैर-कानूनी गतिविधियों से अर्जित चल और अचल संपत्तियों की भी जांच की जाएगी तथा कानून के अनुसार उन्हें अटैच करने की कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।