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पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले: सर्टिफिकेट मुफ्त, किसानों को अतिरिक्त लाभ और अवैध कॉलोनियों को मिलेगी राहत

05 Jul 2026 | 10 Views

पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले: सर्टिफिकेट मुफ्त, किसानों को अतिरिक्त लाभ और अवैध कॉलोनियों को मिलेगी राहत

पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले: सर्टिफिकेट मुफ्त, किसानों को अतिरिक्त लाभ और अवैध कॉलोनियों को मिलेगी राहत

पंजाब की Bhagwant Mann सरकार ने राज्य की जनता को राहत देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन जनहितैषी निर्णयों की जानकारी दी। सरकार के इन कदमों से आम नागरिकों, किसानों और घर खरीदारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

30 सितंबर तक मुफ्त बनेंगे जरूरी प्रमाण पत्र

चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के संशोधन कार्य को देखते हुए पंजाब सरकार ने लोगों को बड़ी राहत दी है। 1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक रिहायशी, जाति, जन्म और शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रमाण पत्र बनवाने पर लगने वाली सुविधा फीस पूरी तरह माफ कर दी गई है।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, पहले डोर-स्टेप डिलीवरी सेवाओं के लिए 70 रुपये तथा अन्य सेवाओं के लिए 50 रुपये शुल्क लिया जाता था। अब तीन महीने तक ये सभी सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध होंगी, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को लाभ मिलेगा।

भूमि अधिग्रहण पर किसानों को मिलेगा अतिरिक्त फायदा

राज्य में विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के बदले किसानों और जमीन मालिकों को अधिक लाभ देने का फैसला किया गया है।

नई नीति के तहत प्रति एकड़ भूमि के बदले मिलने वाले 200 गज के कमर्शियल प्लॉट का आकार बढ़ाकर 210 गज कर दिया गया है। यदि कोई लाभार्थी कमर्शियल प्लॉट नहीं लेना चाहता, तो उसे रिहायशी प्लॉट में अतिरिक्त 30 गज का लाभ देकर कुल 1630 गज का प्लॉट दिया जाएगा।

इसके अलावा, कमर्शियल प्रोजेक्ट क्षेत्रों में 800 गज की सीमा को बढ़ाकर 840 गज कर दिया गया है। जिन लोगों की एक एकड़ या उससे अधिक भूमि अधिग्रहित होगी, उन्हें सरकारी रिजर्व मूल्य पर बिना नीलामी के एक अतिरिक्त प्लॉट लेने का विकल्प भी मिलेगा।

25 प्रतिशत विकसित अवैध कॉलोनियां होंगी नियमित

कैबिनेट ने अवैध कॉलोनियों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। नई नीति के अनुसार, जिन कॉलोनियों में कम से कम 25 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें नियमित (रेगुलराइज) किया जाएगा।

इसके लिए संबंधित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) या डेवलपर को रिहायशी क्षेत्र के लिए कलेक्टर रेट (डीसी रेट) का 5 प्रतिशत तथा कमर्शियल क्षेत्र के लिए 10 प्रतिशत शुल्क जमा करवाना होगा।

सरकार पहले प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी करेगी और लगभग साढ़े चार वर्ष में कॉलोनी के पूर्ण विकास के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए NOC की अनिवार्यता समाप्त

सरकार के इस फैसले से हजारों प्रॉपर्टी मालिकों और खरीदारों को राहत मिलेगी। जो कॉलोनियां नई नीति के तहत नियमित हो जाएंगी, वहां संपत्ति की रजिस्ट्री करवाने के लिए किसी प्रकार की एनओसी (No Objection Certificate) की आवश्यकता नहीं होगी।

हालांकि, मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा केवल उन्हीं कॉलोनियों को मिलेगी जिनके मालिक या डेवलपर सरकार द्वारा निर्धारित सभी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करेंगे।

इन फैसलों को राज्य सरकार की ओर से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, किसानों को अधिक लाभ देने और आम लोगों को आर्थिक राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Published on: 05 Jul 2026

Global Admin
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