पंजाब में NEET पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा
जालंधर में आज DC कार्यालय का घेराव, किसान नेता जोगिंदर उगराहां ने 27 जुलाई को दिल्ली कूच का किया ऐलान
जालंधर। NEET पेपर लीक मामले को लेकर पंजाब में युवाओं का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को बड़ी संख्या में छात्र और युवा जालंधर में जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने और केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग करने का फैसला किया है।
जालंधर के DC कार्यालय के बाहर सुबह से ही छात्रों का जुटना शुरू हो गया। प्रदर्शन की तैयारियों में लगे युवाओं ने कहा कि पेपर लीक मामले ने लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनका कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं। छात्रों के अनुसार, उनका उद्देश्य किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाना नहीं बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
इस बीच किसान संगठन के नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि किसान संगठन 27 जुलाई को विद्यार्थियों के समर्थन में दिल्ली कूच करेंगे। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क है। DC कॉम्प्लेक्स और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि वे छात्रों की मांगों को सुनने और उनसे बातचीत करने के लिए तैयार हैं।
छात्र नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा। प्रदर्शन के दौरान छात्र DC कार्यालय के बाहर एकत्र होकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपेंगे। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।