कनाडा में प्रवेश से रोके गए अकाली नेता बंटी रोमाणा, टोरंटो एयरपोर्ट से लौटना पड़ा भारत
चंडीगढ़/टोरंटो।
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और फरीदकोट विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी परमबंस सिंह बंटी रोमाणा को कनाडा में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने के बाद भारत वापस लौटना पड़ा। कनाडाई अधिकारियों ने उन्हें टोरंटो एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच के दौरान रोक लिया और देश में दाखिल होने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बंटी रोमाणा ने बताया कि गुरुवार रात टोरंटो एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें पूछताछ के लिए रोका। बाद में उन्हें सूचित किया गया कि उनके खिलाफ कनाडा के इमिग्रेशन विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी के पास एक लिखित शिकायत दर्ज है, जिसके आधार पर उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती।
शिकायत में भारत के मामलों का उल्लेख
बंटी रोमाणा के अनुसार, शिकायत में उनके खिलाफ भारत में दर्ज कुछ मामलों का जिक्र किया गया था। इनमें मुख्यमंत्री आवास के घेराव और नगर परिषद चुनावों से जुड़े मामले शामिल बताए गए। उन्होंने कहा कि शिकायत में इन मामलों की अदालती स्थिति का हवाला देते हुए यह दर्शाने की कोशिश की गई कि उनका कनाडा दौरा राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।
रोमाणा ने दावा किया कि जिन मामलों का उल्लेख किया गया है, वे सभी लोकतांत्रिक तरीके से किए गए राजनीतिक विरोध और जन आंदोलनों से संबंधित हैं तथा उनका किसी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।
'राजनीतिक साजिश' का लगाया आरोप
अकाली नेता ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश करार देते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ शिकायत एक ऐसे व्यक्ति द्वारा करवाई गई है, जो विदेश में बैठकर पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के हित में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विदेशों में बसे भारतीयों और पंजाबी समुदाय से शिरोमणि अकाली दल को मिल रहे समर्थन से राजनीतिक विरोधी परेशान हैं। इसी कारण विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है।
2027 चुनाव में जनता देगी जवाब: रोमाणा
बंटी रोमाणा ने कहा कि राजनीतिक विरोधियों की आवाज दबाने के प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता ऐसे कदमों का जवाब आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में देगी।
हालांकि, इस मामले में कनाडाई इमिग्रेशन अधिकारियों की ओर से कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए प्रवेश से इनकार किए जाने के सटीक कारणों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से बंटी रोमाणा द्वारा दिए गए बयान पर आधारित है।