किशनपुरा में कथित जुए की बुक में मशीन से धोखाधड़ी का आरोप, 17 लाख गंवाने वाले युवक ने बनाया वीडियो
जालंधर। शहर के किशनपुरा इलाके में चल रही कथित जुए की बुक को लेकर जुआरियों के साथ मशीन के जरिए धोखाधड़ी किए जाने का आरोप सामने आया है। एक युवक ने आरोप लगाया है कि वह यहां जुए में लगातार बड़े दांव हारता रहा और उसे शक हुआ कि खेल में किसी तकनीक या मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। युवक का दावा है कि उसने बाद में मौके पर कथित मशीन का वीडियो बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार युवक कुछ दिन पहले किशनपुरा इलाके में कथित जुए की बुक पर जुआ खेलने गया था। उसके मुताबिक शुरुआत में वह करीब 10 लाख रुपये हार गया। इसके बाद उसने कथित तौर पर वहीं से 7 लाख रुपये ब्याज पर लिए और वह रकम भी जुए में हार गया। इस तरह उसके अनुसार करीब 17 लाख रुपये की रकम चली गई।
बड़े दांव में लगातार हारने पर हुआ शक
पीड़ित युवक के अनुसार उसे उस समय संदेह हुआ जब वह छोटे दांव में अपेक्षाकृत अधिक जीत रहा था, जबकि बड़े दांव लगातार हार रहा था। इसके अलावा उसका दावा है कि पासा यानी ‘दाना’ भी सामान्य तरीके से गिरने के बजाय असामान्य रूप से अधिक उछल रहा था।
इसी संदेह के चलते उसने कथित तौर पर सभी लोगों के वहां से चले जाने का इंतजार किया। इसके बाद दाना फेंकने वाली जगह पर रखे सामान को हटाने पर उसे फर्श पर गोल आकार का निशान दिखाई दिया।
फर्श के नीचे मशीन होने का दावा
युवक द्वारा बनाए गए कथित वीडियो में फर्श के नीचे एक मशीन जैसी व्यवस्था दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि मशीन को फर्श में फिट करने के बाद उसके ऊपर पतली सीमेंट की परत कर दी गई थी, ताकि सामान्य तौर पर वहां किसी तकनीकी उपकरण की मौजूदगी का पता न चले।
हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि दिखाई दे रही मशीन वास्तव में जुए में धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल की जाती थी या नहीं। इसकी पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकती है।
संचालकों और शराब के इंतजाम को लेकर भी आरोप
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि उक्त कथित जुए की बुक को किला मोहल्ला और किशनपुरा क्षेत्र से जुड़े कुछ युवक संचालित कर रहे हैं। सूत्रों के हवाले से यहां शराब उपलब्ध कराए जाने की बात भी कही जा रही है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक कार्रवाई या किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो पुलिस द्वारा कथित मशीन, मौके की सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि वास्तव में जुए के खेल में किसी तरह की तकनीकी हेराफेरी की जा रही थी या नहीं।
मामले ने शहर में अवैध जुए के संचालन और कथित तौर पर जुआरियों को तकनीकी तरीके से नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।