पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी को लेकर सवाल बरकरार; चरणजीत सिंह चन्नी बोले- राहुल गांधी के दौरे संबंधी अभी कोई फैसला नहीं
जालंधर: पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। हाल ही में रक्खड़ पुन्निया के मौके पर अमृतसर में कांग्रेस की स्टेज पर भी पार्टी की अंदरूनी खींचतान साफ देखने को मिली थी। इस दौरान पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग गुट की गैरहाजिरी चर्चा का विषय बनी थी। अब पंजाब में राहुल गांधी के होने वाले दौरे के दौरान कांग्रेस की एकजुटता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जब पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी से राहुल गांधी के दौरे के दौरान कांग्रेस की एकजुटता को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। चन्नी के इस बयान के बाद पार्टी के विभिन्न गुटों के बीच तालमेल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ऐसे में राहुल गांधी के पंजाब दौरे के दौरान भी कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
बताया जाता है कि चन्नी ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद रामलीला मैदान के मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
चन्नी ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से रामलीला मैदान को धोकर उसका शुद्धिकरण किया गया और इसके पीछे यह कहा गया कि मैदान भ्रष्ट हो गया था। उन्होंने सवाल किया कि क्या दलितों के प्रति ऐसी सोच को स्वीकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा एससी, दलितों और पिछड़े वर्गों के लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार कब तक करती रहेगी।
चन्नी ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता डॉ. बीआर अंबेडकर को भी निशाना बनाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। चन्नी ने कहा कि एफआईआर भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज होनी चाहिए थी। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग भी की।
चन्नी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि देशभर में इस तरह की घटनाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच प्यार और भाईचारे की भावना बढ़ाने की जरूरत है, लेकिन ऐसी घटनाओं के जरिए इस माहौल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, उन्होंने एआई के जरिए गलत वीडियो तैयार कर फैलाने की भी निंदा की।