मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में नशा के खिलाफ मुहिम के लेकर आप की अहम मीटिंग
नशा तस्करों के खिलाफ बिना किसी पक्षपात के कार्रवाई करने वाली आप पहली सरकार, पिछली सरकारें चंडीगढ़ से फोन करके उन्हें बचाती रहीं: धालीवाल
नशों के विरुद्ध जंग के अच्छे नतीजे आ रहे हैं, लेकिन पंजाब पूरी तरह से नशा-मुक्त होने तक लड़ाई जारी रहेगी: धालीवाल
चंडीगढ़, 20 मार्च
आम आदमी पार्टी के (आप) पंजाब के मंत्रियों, विधायकों और ब्लॉक और जिला सत्र पर नशा मुक्ति मोर्चा के सदस्यों ने पंजाब में नशों के विरुद्ध चल रही मुहिम की समीक्षा करने तथा इसे ओर मजबूत करने के लिए आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया के नेतृत्व नें एक अहम मीटिंग की गई।
मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए, आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आप सरकार पंजाब की पहली सरकार है जो नशा तस्करों और सौदागरों के विरुद्ध सख्त और बिना किसी भेदभाव के एक्शन ले रही है, चाहे उनका कोई भी राजनीतिक जुड़ाव या स्टेटस हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चाहे पार्टी का कार्यकर्ता हो, सरपंच हो, पदाधिकारी हो या कोई भी असरदार व्यक्ति हो, नशा तस्करी में शामिल पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जा रहा है। उनके साथ आप पंजाब के वर्किंग प्रधान अमनशेर सिंह शैरी कलसी, मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ और लालजीत सिंह भुल्लर भी मौजूद थे।
धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने प्रशासन और पुलिस को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी आरोपी को किसी भी दबाव में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकारों के उलट, जहां नशा तस्करों को बचाने के लिए राजनीतिक दखलंदाजी होती थी, आप सरकार हर मामले में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में नशों के विरुद्ध लड़ाई में काफी प्रगति हुई है। धालीवाल ने कहा, “नशा सप्लाई चेन पर कड़ी चोट लगी है, कई नेटवर्क खत्म किए गए हैं, और कई मुख्य दोषियों को गिरफ्तार किया गया है। हमारी टीमों ने बहुत मेहनत की है, जिसके नतीजे पंजाब में पहले कभी नहीं देखे गए।”
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान राजनीतिक दबाव के कारण नशा तस्करी की जानकारी को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता था या दबा दिया जाता था। उन्होंने दावा किया कि आज स्थिति बदल गई है और अगर कोई नशा तस्करी में शामिल या जुड़ा हुआ पाया जाता है, तो तुरंत सख्त कार्रवाई की जाती है।
धालीवाल ने आगे कहा कि सरकार का नशा विरोधी मुहिम ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ ज़मीनी स्तर पर सक्रिय तौर पर चलाई जा रही है। टीमें गांवों में जा रही हैं, स्थानीय लोगों से बातचीत कर रही हैं और समाज से नशे को खत्म करने के लिए जागरूकता पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर गांव को नशा-मुक्त बनाना है।
सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए, धालीवाल ने कहा कि हालांकि बड़ी सफलताएं मिली हैं, लेकिन नशे के विरुद्ध जंग अभी भी जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह लड़ाई तब तक नहीं रुकेगी जब तक पंजाब पूरी तरह से नशा-मुक्त नहीं हो जाता।