पंजाबी फिल्म "नवा पंजाब" की जालंधर में शूटिंग शुरू
---फिल्म, त्याग, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायक गाथा है,
- प्रोड्यूसर अंजू पुंज, और बलजिंदर सिंह मोंटी, हीरो जोवन प्रीत सिंह, म्यूजिक डायरेक्टर वीएस पप्पी, साहिल कौशल व स्टोरी राइट ओर डारेक्टर मनोज पुंज
जालंधर, 2 जून : पंजाब की मिट्टी से जुड़ी आगामी राजनीतिक एक्शन-ड्रामा फिल्म "नवा पंजाब" एक ऐसे युवक रणवीर की प्रेरणादायक और भावनात्मक कहानी प्रस्तुत करती है, जिसने मात्र 12 वर्ष की उम्र में अपने बचपन का बलिदान देकर चार बच्चों का भविष्य संवारने का संकल्प लिया। यह कहानी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष और समाज परिवर्तन की उस सोच की है, जो पूरे पंजाब को नई दिशा देने का सपना देखती है। फिल्म में रणवीर का किरदार एक ऐसे युवा के रूप में सामने आता है, जो बचपन से ही अपने भाई-बहनों की जिम्मेदारी उठाता है। वह उनके लिए मां और पिता दोनों की भूमिका निभाता है तथा उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए अपने सभी सपनों और खुशियों का त्याग कर देता है।
कहानी में नया मोड़ तब आता है जब विश्व चैंपियन जॉन राइट भारतीय युवाओं को "ज़ीरो" कहकर चुनौती देता है। पंजाब की आन-बान और शान की रक्षा के लिए रणवीर बॉक्सिंग रिंग में उतरता है। शुरुआती दौर में बुरी तरह घायल होने के बावजूद वह हार नहीं मानता और अपने भाई-बहनों की आवाज सुनकर दोबारा खड़ा होता है। अंततः वह विश्व चैंपियन को नॉकआउट कर यह साबित कर देता है कि पंजाब की मिट्टी में अदम्य साहस और जज़्बा बसता है।
इसके बाद रणवीर कॉलेज राजनीति में प्रवेश करता है, जहां उसका सामना सत्ता के संरक्षण में चल रहे ड्रग्स और अपराध के नेटवर्क से होता है। वह छात्र राजनीति के माध्यम से भ्रष्ट व्यवस्था को चुनौती देता है और पंजाब को देश का नंबर एक राज्य बनाने का संकल्प लेता है। यहां तक कि वह अपने व्यक्तिगत प्रेम को भी अपने मिशन के आगे महत्व नहीं देता। फिल्म का सबसे भावुक और चौंकाने वाला मोड़ तब आता है जब राजनीतिक साजिश के तहत रणवीर पर जानलेवा हमला करवाया जाता है। पूरे पंजाब में उसकी सलामती के लिए दुआएं की जाती हैं और जनता उसे केसरी" की उपाधि देती है। इसी दौरान यह खुलासा होता है कि जिन चार बच्चों के लिए उसने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, वे उसके सगे भाई-बहन नहीं बल्कि उसके पड़ोसियों के बच्चे थे, जिनके माता-पिता की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। कहानी के अंतिम चरण में रणवीर मौत को मात देकर वापसी करता है और भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ देता है। हालांकि इस संघर्ष में उसका छोटा भाई साहिल कौशल अपने बड़े भाई की रक्षा के लिए स्वयं का बलिदान दे देता है। भाई की शहादत को अपनी ताकत बनाकर रणवीर राजनीति में प्रवेश करता है, चुनाव जीतता है और भ्रष्टाचार-मुक्त "नवा पंजाब" की नींव रखता है। फिल्म में साहिल कौशल का रोल भी नौजवानों को देश प्रति कुर्बान होने का जज्बा पैदा करेगा
फिल्म का संदेश स्पष्ट है कि यदि निस्वार्थ भावना, दृढ़ इच्छाशक्ति और समाज के प्रति समर्पण हो तो एक अकेला व्यक्ति भी पूरे सिस्टम को बदलने की ताकत रखता है। "नवा पंजाब" केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि त्याग, नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायक गाथा है,