जालंधर से एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक महिला को सिर्फ बेटी को जन्म देने के कारण ससुराल में अमानवीय यातनाएं झेलनी पड़ीं।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला की शादी 29 अगस्त 2022 को मुबारकपुर गांव निवासी अमनदीप के साथ हुई थी। शादी के समय मायके पक्ष द्वारा नकदी और सोने-चांदी के गहनों सहित दहेज भी दिया गया था।
महिला के अनुसार, शादी के बाद जब उसने पहली संतान के रूप में बेटी को जन्म दिया, तो उसके पति और ससुराल वालों का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
पीड़िता ने बताया कि 22 सितंबर 2025 को उसके पति ने उसके साथ इतनी बेरहमी से मारपीट की कि उसके कान का पर्दा फट गया। इसके बावजूद अत्याचार नहीं रुका।
आरोप है कि जब वह दूसरी बार गर्भवती हुई, तो उसके पति ने उसे जबरन काढ़ा पिलाकर गर्भपात करा दिया, क्योंकि उसे शक था कि इस बार भी लड़की ही होगी। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति अफीम का आदी है और उसे भी नशा करने के लिए मजबूर करता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम अगेंस्ट वीमेन सेल जालंधर ने जांच के बाद आरोपी पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यह मामला एक बार फिर समाज में बेटियों के प्रति भेदभाव और घरेलू हिंसा जैसी गंभीर समस्याओं को उजागर करता है।