जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड: दोषियों की समयपूर्व रिहाई से जुड़ी किसी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए गए: बलतेज पन्नू
चंडीगढ़, 9 जुलाई। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के राज्य मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान या पंजाब सरकार ने जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड के दोषियों की समयपूर्व रिहाई से संबंधित किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया और कुछ मीडिया संस्थानों में प्रसारित हो रही खबरों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया।
प्रेस वार्ता में बलतेज पन्नू ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार के स्तर पर कोई प्रक्रिया नहीं हुई है और न ही ऐसी कोई फाइल पंजाब सरकार के पास विचाराधीन है। उनके अनुसार, यह मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में है तथा समयपूर्व रिहाई से संबंधित निर्णय भी वहीं लिया जाना है।
पन्नू ने कहा कि चूंकि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने की थी, इसलिए मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत समयपूर्व रिहाई पर निर्णय लेने का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं है। उन्होंने दावा किया कि दोषी जसपाल सिंह ने वर्ष 2017 में समयपूर्व रिहाई के लिए आवेदन किया था, जिसे उस समय केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्यपाल स्तर पर अस्वीकार कर दिया गया था। बाद के वर्षों में भी यह मामला केंद्र सरकार के स्तर पर ही विचाराधीन रहा।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस संबंध में कोई फाइल पंजाब सरकार को प्राप्त ही नहीं हुई, तो मुख्यमंत्री द्वारा उस पर हस्ताक्षर किए जाने अथवा राज्यपाल के पास लंबित होने के दावे कैसे किए जा सकते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों पर राजनीतिक लाभ के लिए गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बीबी परमजीत कौर खालड़ा के हालिया बयान से यह स्पष्ट होता है कि जसवंत सिंह खालड़ा प्रकरण में किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने न्याय दिलाने के अपने दावों के अनुरूप कार्रवाई नहीं की।
इसके अलावा पन्नू ने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थानों ने बिना तथ्यों की पुष्टि किए समाचार प्रकाशित किए हैं। उन्होंने पंजाब सरकार से ऐसी कथित भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।