कनाडा के 25 कथित फर्जी वीजा, 50 लाख की कथित ठगी!
‘कनाडा भेजने’ के नाम पर बड़ा खेल? ट्रैवल एजेंट ‘B’ और ‘K’ से नाम शुरू होने वाली महिला पर मिलीभगत के आरोप, कई लोगों से लाखों वसूलने का दावा
जालंधर। कनाडा जाने का सपना देख रहे लोगों से कथित ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि एक ट्रैवल एजेंट ने करीब 20 से 25 कथित फर्जी कनाडाई वीजा दिखाकर अलग-अलग ग्राहकों से लगभग 50 लाख रुपये वसूल लिए। मामले में ट्रैवल एजेंट ‘B’ और ‘K’ से नाम शुरू होने वाली एक महिला की कथित भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, कथित तौर पर दोनों ने मिलकर कई लोगों को कनाडा भेजने का भरोसा दिलाया और उनसे लाखों रुपये लिए। बाद में जिन वीजा दस्तावेजों के आधार पर रकम ली गई, उनकी वास्तविकता पर सवाल खड़े हो गए।
सुखमन, परमीत, सीमा समेत कई लोगों से रकम लेने का दावा
इस मामले में सुखमन, परमीत और सीमा समेत कई अन्य लोगों से पैसे लिए जाने की बात सामने आ रही है। कथित पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने कनाडा जाने की प्रक्रिया के नाम पर बड़ी रकम दी, लेकिन बाद में उन्हें दिए गए वीजा दस्तावेजों की सत्यता संदिग्ध नजर आई।
20–25 वीजा, करीब 50 लाख और कई सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि दस्तावेज वास्तव में फर्जी पाए जाते हैं तो इतने लोगों के लिए कथित तौर पर वीजा तैयार कैसे हुए और इतनी बड़ी रकम किस तरीके से वसूली गई? क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
कथित पीड़ितों का कहना है कि उनके पास भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड, वीजा दस्तावेज और एजेंट के साथ हुई बातचीत से संबंधित सामग्री मौजूद है। अब उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उनकी रकम वापस दिलाई जाए।
पुलिस जांच से खुलेगा पूरा राज
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल कथित धोखाधड़ी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फर्जी दस्तावेज और इमिग्रेशन फ्रॉड जैसे गंभीर पहलुओं से भी जुड़ सकता है। फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
‘मेरा भारत’ अपील: यदि किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी इसी तरह की ठगी हुई है तो वह अपने भुगतान, दस्तावेज और बातचीत से जुड़े प्रमाण सुरक्षित रखे तथा संबंधित पुलिस अथॉरिटी के समक्ष शिकायत दर्ज करवाए।
नोट: इस खबर में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच अथवा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। संबंधित पक्ष का जवाब मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।