मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा ऐलान: पंजाब में 10 लाख निर्माण मजदूरों का होगा मुफ्त पंजीकरण
चंडीगढ़, 6 जून: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने निर्माण मजदूरों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए पूरे राज्य में 10 लाख निर्माण मजदूरों के मुफ्त पंजीकरण और पुराने पंजीकरणों के नवीनीकरण के लिए विशेष अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत पंजाब सरकार मजदूरों के पंजीकरण शुल्क का पूरा खर्च स्वयं वहन करेगी।
पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निर्माण मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय सहायता और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बोर्ड के पास 2.21 लाख मजदूर पंजीकृत हैं, जबकि राज्य में निर्माण गतिविधियों को देखते हुए यह संख्या काफी कम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजीकरण के लिए देय 145 रुपये का शुल्क इस विशेष अभियान के दौरान सरकार स्वयं जमा करेगी, जिससे अधिक से अधिक मजदूर योजना से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत लगभग 10 लाख मजदूरों का पंजीकरण किया जाएगा और सरकार इस पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
भगवंत मान ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि गांवों और शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाए जाएं। गांवों में शाम के समय शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि दिनभर काम करने वाले मजदूर आसानी से अपना पंजीकरण करवा सकें।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मजदूर कल्याण योजनाओं के आवेदनों के निपटारे में लगने वाला समय 203 दिनों से घटाकर 73 दिन कर दिया गया है। इससे मजदूरों को योजनाओं का लाभ जल्दी मिल सकेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने 50,000 पंजीकृत मजदूरों को कौशल प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों को राजगीरी, बार बेंडिंग, शटरिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य, पेंटिंग, सड़क निर्माण, सर्वेक्षण और अन्य निर्माण संबंधी क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उनकी आय बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि महिला निर्माण मजदूरों को भी ‘मांवा-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता का लाभ मिले।
बैठक में कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां सहित श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।