RTI एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह हत्याकांड में तीसरा आरोपी गिरफ्तार, लाइसेंसी पिस्टल से हुई थी हत्या
जालंधर/फगवाड़ा: आरटीआई एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। मामले में शामिल तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान संदीप राय के रूप में हुई है, जो पेशे से एसी मैकेनिक बताया जा रहा है।
पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि सिमरनजीत सिंह की हत्या जिस हथियार से की गई थी, वह संदीप राय की लाइसेंसी पिस्टल थी। जांच के अनुसार आरोपी शरनजीत सिंह उर्फ ट्विंकल ने इसी पिस्टल से सिमरनजीत सिंह पर दो गोलियां चलाई थीं, जिससे उनकी मौत हो गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में हत्या किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा नहीं बल्कि पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद का परिणाम प्रतीत होती है। बताया जा रहा है कि आर्थिक लेन-देन को लेकर आरोपियों और सिमरनजीत सिंह के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई।
एसी मैकेनिक संदीप राय की भूमिका पर उठे सवाल
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि संदीप राय किसी राजनीतिक व्यक्ति का करीबी बताया जाता है। लाइसेंस मिलने के बाद उसने पिस्टल खरीदी थी। सूत्रों के अनुसार, कथित तौर पर इस हथियार का इस्तेमाल लेन-देन से जुड़े विवादों में दबाव बनाने के लिए भी किया जाता था।
मामले में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि संदीप राय को हथियार का लाइसेंस किन परिस्थितियों में जारी किया गया था। हालांकि इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पहले भी हो चुके थे हमले
गौरतलब है कि आरटीआई एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह पर पहले भी दो बार जानलेवा हमले हो चुके थे। उन घटनाओं में कुछ लोगों पर आरोप लगाए गए थे और मामले चर्चा में रहे थे। बताया जाता है कि सुरक्षा कारणों से उन्हें गनमैन भी उपलब्ध कराया गया था, लेकिन घटना वाले दिन वह अपने साथ सुरक्षा कर्मी को नहीं ले गए थे।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और अन्य संभावित कड़ियों का खुलासा हो सकेगा।